वाराणसी

UP: पैसों के लिए गढ़ी लूट की झूठी कहानी, किस्सा खुद की शादी का निकला, जानें यह दिलचस्प मामला

Gorakhpur News: यूपी के गोरखपुर जिले में एक चालाक ने अपने ही मालिक के पैसे चोरी करके लूट की झूठी कहानी बनाई। मामले की जांच कर रही पुलिस ने खुलासा किया की शादी के लिए पैसों की जरूरत होने पर उसने झूठी कहानी बनाई।

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गोरखपुर में लूट की झूठी कहानी बनाने वाला शख्स गिरफ्तार (फोटो - Canva)

Gorakhpur News: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में लूटपाट की झूठी कहानी गढ़ने के सिलसिले में पुलिस ने बृहस्पतिवार रात दो लोगों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने बताया कि अपने मालिक के 9.70 लाख रुपये लेकर जा रहे एक व्यक्ति ने बताया कि उसे रास्ते में चार लोगों ने रोका और उसके पास से सारे पैसे लूटे और वहां से फरार हो गए। लूट का मामला दर्ज करते हुए पुलिस ने मामले की जांच की। पुलिस ने 24 घंटे के अंदर लूट की कहानी झूठी होने का बड़ा खुलासा किया और दो लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने खुलासा कर दिया कि उसने अपनी शादी के लिए पैसों का प्रबंध करने के लिए यह झूठी कहानी गढ़ी थी।

आरोपी ने क्यों बनाई लूट की झूठी?

न्यूज एजेंसी पीटीआई भाषा के अनुसार, पुलिस अधिकारी ने बताया कि बृहस्पतिवार रात लूट की झूठी कहानी बनाने के मामले में चालक और उसके साथी को गिरफ्तार किया और उसके घर से पूरी रकम बरामद की। पुलिस के अनुसार, महराजगंज के फरेंदा निवासी कृषि उपकरण व्यापारी आदित्य चौधरी ने अपने चालक टुन्नू प्रजापति को बीआरडी मेडिकल कॉलेज के निकट एक ग्राहक से नकदी लेने के लिए भेजा था।

पुलिस ने बताया कि टुन्नू ने दावा किया कि लौटते समय मोटरसाइकिल सवार चार लोगों ने चिउटाहा गांव के निकट उसकी कार रोकी, खिड़की तोड़ी और नकदी से भरा बैग लेकर भाग गए। हालांकि, जब स्थानीय चिलुआ ताल थाने की पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, तो उन्हें संघर्ष के कोई निशान नहीं मिले। चालक के बार-बार बदलते बयानों पर उन्हें संदेह हुआ। पुलिस ने चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो मामले की सच्चाई सामने आई।

क्या थी कहानी बनाने की वजह?

पुलिस ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज की जांच करने पर पता चला कि वह लूटपाट की इस कथित घटना के समय शिवपुर-साहबाजगंज इलाके में मौजूद था। पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान कुशीनगर निवासी टुन्नू ने स्वीकार किया कि उसकी शादी अगले साल मई में होने वाली है और उसे पैसों की जरूरत थी। उसने बताया कि चार वर्षों तक व्यापारी के साथ काम करने के कारण उसे नकदी के बारे में जानकारी थी।

पुलिस ने बताया कि पैसे लेने के बाद उसने बैग अपने जिम मालिक दोस्त जयनाथ सिंह को सौंप दिया था और बाद में लूट की झूठी कहानी गढ़ी। पुलिस अधीक्षक (उत्तर) जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने कहा, "सीसीटीवी के जरिये साजिश का पर्दाफाश करने में मदद मिली।" उन्होंने कहा, "दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और पूरी राशि बरामद कर ली गई है। कानूनी कार्रवाई जारी है।"

(इनपुट - भाषा)

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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