Varanasi Digital Arrest: वाराणसी में साइबर ठगों ने पुलिस और CBI अधिकारी बनकर एक महिला से लाखों की ठगी की। अपराधियों ने महिला को 48 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट में रखा और उससे 32 लाख रुपये लूट लिए। साइबर ठगों ने महिला को गैरकानूनी अपराध से जुड़ा हुआ बताकर उससे रकम लूटी। जब महिला को पता चला कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है तो उसने पुलिस में केस दर्ज कराया। बताया जा रहा है कि साइबर ठगों के तार गुजरात से जुड़ हुए हैं।
घर में अकेले रहती है पीड़ित महिला
पीड़ित महिला नीना कौरा वाराणसी में अपने घर में अकेले रहती हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि व्हाट्सएप पर उनके पास एक व्यक्ति का वीडियो कॉल आया। जिसमें उस व्यक्ति ने अपना नाम सुनील कुमार बताया और खुद को अंधेरी पुलिस स्टेशन का इंचार्ज बताया। महिला के अनुसार व्यक्ति ने उनसे कहा कि आपने कुछ फर्जी पासपोर्ट, एटीएम कार्ड और 140 ग्राम एमडीएमए सिंगापुर के पते पर कोरियर किया है, जिसे पकड़ लिया गया है और आपने नाम से गिरफ्तारी का आदेश जारी हुआ है। जिसके बाद उस व्यक्ति ने किसी सीबीआई अधिकारी अनिल यादव को कॉल ट्रॉसफर करके उससे बात करवाई। जिसने कहा कि वे इस बात का जिक्र अपने किसी परिचित से न करें वरना उनके परिवार को जान का खतरा हो सकता है। इस बात से महिला बहुत डर गई।
गिरफ्तारी के नाम पर डराकर लूटे पैसे
साइबर ठगों ने महिला से कहा कि आप वृद्ध महिला है और ये सब आपने नहीं किया होगा। हम कोशिश करके आपकी गिरफ्तारी को रुकवाते है। लेकिन इसके लिए आपको अपनी संपत्ति का ब्योरा देना होगा। आरोपियों ने महिला को एक बैंक खाते का नंबर बताया और उसमें पैसे भेजने को कहा। महिला ने उस एकाउंट नंबर पर 32, 40,000 रुपये ट्रांसफर कर दिए। लेकिन कुछ देर बाद उनके मोबाइल पर मैसेज आया कि ट्रांजेक्शन फेल हो गया है। जिसके बाद अनिल यादव नाम के व्यक्ति ने महिला को फोन कर दूसरा बैंक अकाउंट नबर भेजा और धमकाया कि अगर तुरंत पैसे नहीं भेजे तो अदालत से जमानत नहीं मिलेगी और गिरफ्तार करनी पडे़गी। जिसके बाद महिला ने दोबारा बैंक जाकर पैसे भेजे। आरोपियों ने महिला से कहा कि वे जमानत के कागज बनवाने अदालत जा रहे हैं। जमानत होने के 24 घंटों के अंदर उनके पैसे वापस आ जाएंगे।
पैसे मिलने के बाद बंद कर दिया नंबर
महिला ने बताया कि पैसे मिलने के 24 घंटे बीतने के तुरंत बाद साइबर ठगों ने व्हाट्सएप पर भेजे हुए कागजात डिलीट कर दिए। इनमें गिरफ्तारी आदेश, आईडी कार्ड, आदि काजगात थे। जिसके बाद उन्होंने अपना नंबर भी बंद कर दिया। महिला ने जब यह बात नागपुर में रह रहे अपने बेटे को बताई तो उसने अपनी मां को बताया कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है। जिसके बाद महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
