Ganga Vilas Cruise: लग्जरी क्रूज गंगा विलास पर्यटकों को लेकर विश्व के सबसे लंबे सफर पर जाने के लिए तैयार है। यह क्रूज 22 दिसंबर को कोलकाता से चला था और मंगलवार को वाराणसी पहुंच गया। इस क्रूज को राजघाट से करीब आठ किलोमीटर पहले रौना गांव के पास ही रोक दिया गया है। यहां से यह 12 जनवरी की रात रविदास घाट पहुंचेगा। जहां पर उसका भव्य स्वागत किया जाएगा। बता दें कि, इस क्रूज को बीते शनिवार को ही वाराणसी पहुंचना था, लेकिन मौसम में खराबी और धुंध के कारण इसे वाराणसी तक पहुंचने में देरी हुई। इस बीच यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को एक ट्वीट कर बड़ी जानकारी दी है।
आज सुबह सीएम योगी के ट्वीट कर बताया कि, इस क्रूज को पीएम नरेंद्र मोदी ही हरी झंडी दिखाकर 3,200 किमी के सफर पर रवाना करेंगे। सीएम योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर लिखा- आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी 13 जनवरी को दुनिया के सबसे लंबे रिवर क्रूज 'गंगा विलास' को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। 'नए भारत' की गति, शक्ति और सामर्थ्य की प्रतीक यह रिवर क्रूज-यात्रा 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' में एकात्मता के नए अध्याय जोड़ेगी। इस ट्वीट के साथ सीएम ने वाराणसी की महत्ता, गंगा विलास की भव्यता को दिखाने और पीएम मोदी के संदेश वाले एक वीडियो भी शेयर किया है।
51 दिवसीय सफर में 50 लोकप्रिय पर्यटन स्थलों का भ्रमण
बता दें कि, गंगा विलास क्रूज 13 जनवरी को वाराणसी से असम के डिब्रूगढ़ तक दुनिया के सबसे लंबे जलमार्ग पर अपनी यात्रा शुरू करेगा। इस दौरान यह लक्जरी क्रूज 3,200 किलोमीटर का सफर करते हुए भारत और बांग्लादेश में 5 राज्यों के कुल 27 नदियों से होकर गुजरेगा। यह गंगा, मेघना और ब्रह्मपुत्र जैसी भारत की तीन प्रमुख नदियों के अलावा भागीरथी, हुगली, मालता, विद्यावती नदी से होते हुए सुंदरबन नदी प्रणालियों में प्रवेश कर बांग्लादेश पहुंचेगा। यहां पर यह क्रूज मेघना, पद्मा और जमुना से होते हुए फिर से ब्रह्मपुत्र नदी के माध्यम से असम में प्रवेश करेगा। अधिकारियों के अनुसार, इस क्रूज में सफर करने वाले यात्रियों को 51 दिनों के सफर में 50 लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर घूमाया जाएगा। इसमें कई विश्व धरोहर स्थल और राष्ट्रीय उद्यान शामिल है।
