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Vande Bharat Train में कोई भूखा नहीं रहेगा; टिकट बुकिंग के समय विकल्प नहीं चुना तो चलती ट्रेन में खरीद सकेंगे भोजन

देश की सबसे आधुनिक ट्रेन वंदे भारत में भी आप भोजन खरीदकर खा सकेंगे। रेलवे बोर्ड ने IRCTC को चिट्ठी लिखकर कहा है कि जो यात्री टिकट बुकिंग के समय भोजन के विकल्प को नहीं चुनते हैं, वह अगर चलती ट्रेन में भोजन की मांग करते हैं और उसका भुगतान करते हैं तो उन्हें भोजन उपलब्ध कराया जाए।

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वंदे भारत ट्रेन में भोजन खरीदकर खा सकेंगे आप

Photo : Twitter

अगर आप ट्रेन से सफर करते हैं तो आपको पता ही होगा कि ट्रेन टिकट बुक करते समय खाना बुक करना होता है। हालांकि, साधारण ट्रेनों में सफर के दौरान भी आप खाना खरीदकर खा सकते हैं, लेकिन वंदे भारत ट्रेनों में लोगों को दिक्कत होती है। अब ऐसी कोई दिक्कत नहीं होगी। रेलवे बोर्ड ने कल यानी शुक्रवार 7 फरवरी को कहा कि अगर आप वंदे भारत ट्रेन की टिकट बुक करते समय खाना बुक नहीं भी करते हैं तो आपक वंदे भारत ट्रेन में सफर के दौरान भोजन खरीदकर खा सकते हैं।

रेलवे बोर्ड ने शुक्रवार को IRCTC के अध्यक्ष और मैनेजिंग डायरेक्टर को संबोधित करते हुए एक चिट्ठी लिखी है। इस चिट्ठी में कहा गया है कि बहुत से यात्रियों की इस संबंध में शिकायत होती है। यात्री शिकायत करते हैं कि IRCTC स्टाफ उन्हें खाना नहीं देते हैं, क्योंकि उन्होंने टिकट बुकिंग के समय भोजन का विकल्प नहीं चुना था या वह ऐसा करना भूल गए थे।

यात्रियों की यह भी शिकायत है कि वह भोजन के बदले तुरंत भुगतान करने को तैयार रहते हैं, इसके बावजूद IRCTC स्टाफ भोजन देने से इनकार कर देते हैं। रेलवे बोर्ड ने चिट्ठी में कहा, इसलिए हमने फैसला किया है कि अगर किसी यात्री ने भोजन का विकल्प नहीं भी चुना है तो ट्रेन में सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन का लाभ वह भी उठा सकते हैं।

इसी दौरान रेल अश्विनी वैष्णव राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित जवाब में जानकारी दी कि पिछले तीन वित्तीय वर्षों में चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्टरी (ICF) में कुल 640 वंदे भारत कोच बने। उन्होंने कहा कि कपूरथला स्थित रेल कोच फैक्टरी (IRCF) को भी 320 वंदे भारत कोच निर्माण का उत्पादन लक्ष्य दिया गया है। इस दौरान उन्होंने बताया कि IRCF ने पिछले तीन सालों में 5414 कोच का निर्माण किया है।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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