Uttarakhand: उत्तराखंड में चार धाम यात्रा को लेकर तैयारियां तेज हो गई है। यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट 30 अप्रैल से खोल दिए जाएंगे। मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही इस दिन से चार धाम यात्रा की शुरुआत हो जाएगी। इस बीच भारतीय रेलवे द्वारा उत्तराखंड को बड़ी सौगात मिलने वाली है। यह सौगात चार धाम की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए सबसे अधिक लाभकारी साबित होगी। दरअसल, भारतीय रेलवे श्रीनगर-कटरा की तरह ही अब केदारनाथ, बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब के लिए ट्रेन चलाई जाएगी। अब इन तीनों धार्मिक स्थानों की यात्रा श्रद्धालु और पर्यटक ट्रेन से कर सकेंगे।
ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक बिछेगी लाइन
केदारनाथ, बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब तक यात्रा को आसान बनाने के लिए रेलवे द्वारा ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक 125 किलोमीटर लंबी रेल लाइन बिछाने का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। रेल मंत्रालय इस महत्वाकांक्षी परियोजना की नियमित निगरानी कर रहा है। परियोजना का अधिकांश हिस्सा सुरंगों से होकर गुजरेगा, जिससे न केवल प्राकृतिक सुंदरता के बीच यात्रा का अनुभव मिलेगा बल्कि यात्रा समय में भी बड़ी कटौती होगी। वर्तमान में जहां लोग सड़क मार्ग से लंबी दूरी तय करते हैं, वहीं ट्रेन से यह सफर केवल 125 किलोमीटर का रह जाएगा।

उत्तराखंड को मिली नई रेलवे लाइन की सौगात
सुरंग निर्माण का 80 प्रतिशत कार्य पूरा
मिली जानकारी के अनुसार, इस रेल परियोजना में कुल 16 मुख्य सुरंगें और 12 बचाव सुरंगें बनाई जानी हैं। अब तक 94 किलोमीटर लंबी 9 मुख्य सुरंगें और 88 किलोमीटर से अधिक लंबी 8 बचाव सुरंगों का निर्माण पूरा हो चुका है। बचा हुआ कार्य भी तेजी से पूरा किया जा रहा। इस योजना को लेकर उम्मीद की जा रही है कि 2026 तक रेल लाइन पर ट्रेन संचालन शुरू हो जाएगा।

उत्तराखंड को मिली नई रेलवे लाइन की सौगात
रेल योजना से पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन उत्तराखंड के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई है। इस परियोजना से न केवल तीर्थ यात्रियों को लाभ होगा, बल्कि राज्य में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। हर साल लाखों की तादाद में श्रद्धालु बद्रीनाथ, केदारनाथ और हेमकुंड साहिब जैसे तीर्थ स्थलों की यात्रा करने के लिए उत्तराखंड जाते हैं। ऐसे में रेल लाइन के विकास से उनकी यात्रा सुगम और सुरक्षित हो जाएगी, जिससे आने वाले समय में प्रदेश में पर्यटकों की संख्या और बढ़ेगी।

उत्तराखंड को मिली नई रेलवे लाइन की सौगात
स्थानीय लोगों के लिए खुलेंगे विकास के द्वार
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे विकास की यह परियोजना स्थानीय लोगों के लिए भी नए द्वार खोलेगी। आवागमन आसान होने से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और पहाड़ी क्षेत्रों की देश के अन्य भागों से बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित होगी। जानकारी के अनुसार, इस रेल लाइन का निर्माण न केवल उत्तराखंड की भौगोलिक चुनौतियों को पार करने का प्रतीक है, बल्कि यह राज्य की शान बनने की दिशा में भी एक अहम कदम साबित होगा। पहाड़ों के बीच ट्रेन की रफ्तार अब उत्तराखंड की तस्वीर और तकदीर दोनों बदलने को तैयार है।
