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Uttarakhand News: भारी बारिश, लैंडस्लाइड में सड़क टूटी, फिर भी सात फेरे लेने त्रियुगीनारायण मंदिर पहुंचे दुल्हा-दुल्हन

उत्तराखंड में इन दिनों भारी मानसूनी बारिश हो रही है। इसके चलते रुद्रप्रयाग के त्रियुगीनारायण मंदिर का मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है। सड़क बंद होने पर यहां शादी करने आए दूल्हा-दुल्हन और बाराती पैदल मंदिर पहुंचे।

Uttarakhand News: उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में इन दिनों Monsoon कुछ ज्यादा ही मेहरबान है। मानसूनी बारिश का दौर लगातार जारी है और मूसलाधार बारिश के कारण तमाम सड़कें टूट रही हैं। कहीं पहाड़ टूटकर रास्ता बंद हो जाता है तो कहीं भूस्खलन के चलते पूरी सड़क ही नदी में समा जा रही है। ऐसे में स्थानीय लोगों और यहां आने वाले पर्यटकों की मुसीबतें काफी ज्यादा बढ़ गई हैं। रुद्रप्रयाग जिले में भारी बारिश के चलते यहां बहने वाली अलकनंदा नदी उफान पर है। अलकनंदा नदी के उफान के चलते यहां नमामि घाट डूब गया है। प्रशासन ने लोगों से नदी किनारों से दूर रहने की अपील की है। इस बीच त्रियुगीनारायण मंदिर के पास एक अनोखा ही नजारा देखने को मिला। चलिए जानते हैं -

कल यानी रविवार 6 जुलाई की रात से ही रुद्रप्रयाग जिले में लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है। इससे जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। लगातार बारिश के चलते विश्व प्रसिद्ध त्रियुगीनारायण मंदिर को जोड़ने वाला सड़क मार्ग कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गया है। बड़ी मात्रा में मलबा सड़क पर जमा हो गया है, जिसके कारण गाड़ियां मंदिर तक नहीं जा पा रही हैं। ऐसे में त्रियुगीनारायण मंदिर में शादी करने आए दूल्हा-दुल्हन अपने बारातियों और अन्य श्रद्धालुओं के साथ गाड़ी से उतरकर पैदल ही मंदिर की तरफ बढ़ गए। सड़क पर आए मलबे को पार करते हुए सभी लोग मंदिर पहुंचे।

परेशानियां झेली, लेकिन मुहुर्त पर पहुंच गए मंदिर

बारिश के कारण कई जगहों पर सड़क टूट गई, जबकि कुछ जगहों पर बरसाती नाले के साथ भारी मात्रा में मलबा सड़क पर जम हो गया। ऐसे में सड़क की दोनों तरफ गाड़ियों की लंबी कतार लग गई। मजबूरी में दूल्हा-दुल्हन और उनके परिजनों को शादी के जरूरी सामान के साथ कठिक परिस्थितियों के बावजूद पैदल मार्ग से जाना पड़ा। अच्छी बात ये रही कि इतनी मुसीबतों के बावजूद दूल्हा-दुल्हन और बाराती मुहूर्त से पहले ही त्रियुगीनारायण मंदिर पहुंच गए। इसके बाद मंदिर में उनके विवाह की सभी रस्में पूरी की गईं। हालांकि, कई बारातियों को मंदिर परिसर तक पहुंचने के भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

शिव-पार्वती विवाह हुआ था यहां!

त्रियुगीनारायण मंदिर एक पावन धार्मिक स्थल है। पौराणिक मान्यता के अनुसार भगवान शिव और माता पार्वती का दिव्य विवाह यहीं पर संपन्न हुआ था। इसी वजह से देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और नवविवाहित जोड़े यहां शादी करने के लिए आते हैं। लेकिन इस बार मौसम की मार के चलते इस ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल तक पहुंचना श्रद्धालुओं के लिए चुनौतीपूर्ण बना है।

व्यापार संघ अध्यक्ष की प्रशासन से अपील

यहां व्यापार संघ अध्यक्ष महेंद्र सेमवाल ने बताया कि रविवार रात हुई भारी बारिश के कारण त्रियुगीनारायण मोटरमार्ग कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई। उन्होंने जानकारी दी कि विवाह समारोहों के लिए आए दूल्हा-दुल्हन और बारातियों को पैदल चलकर मंदिर तक पहुंचना पड़ा। इसके साथ ही उन्होंने प्रशासन से इस मार्ग को जल्द ठीक कराने की मांग की है, ताकि स्थानीय लोगों, व्यापारियों और श्रद्धालुओं की आवाजाही सुनिश्चित की जा सके।

ग्रामीणों की दिक्कतें बढ़ीं

इधर, लगातार बारिश का असर विजयनगर–तैला मोटरमार्ग पर भी देखने को मिला। गंगानगर के पास सड़क का एक हिस्सा ध्वस्त होने से यह मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। रास्ता बंद होने से क्षेत्र के ग्रामीणों और यात्रियों को आवाजाही प्रभावित हो गई है और लोगों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा है।

PWD और प्रशासन की टीमें क्षतिग्रस्त मार्गों को खोलने की कोशिश में लगी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान गैर-जरूरी यात्रा से बचें, प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में खास सावधानी सतर्कता बरतें।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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