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उत्तराखंड में 36 घंटे से मूसलाधार बारिश का कहर; केदारनाथ और चारधाम यात्रा पर लगा ब्रेक, हजारों की जिंदगी दांव पर

Uttarakhand News Today (उत्तराखंड की खबर ): उत्तराखंड में बीते 36 घंटों से लगातार मूसलाधार बारिश ने जन-जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। अलकनंदा और मंदाकिनी नदियां उफान पर हैं, जबकि कई मार्ग बंद हो चुके हैं। केदारनाथ यात्रा स्थगित कर दी गई है और नदी किनारे के घर खाली कराए गए हैं। खराब मौसम के बीच पीसीएस अभ्यर्थियों का जज्बा भी चर्चा में है।

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उत्तराखंड में तबाही का दृश्य

Photo : Times Now Digital

Rudraprayag Heavy Rain Alert: 36 घंटे से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने उत्तराखंड में भारी तबाही मचाई है। मयाली रणधार मोटरमार्ग पर बना मोटरपुल बरसाती गधेरे में बह गया, जिससे आवागमन में बड़ी बाधा उत्पन्न हुई। लोगों को जान हथेली पर रखकर सफर करना पड़ा। रुद्रप्रयाग में अलकनंदा नदी खतरे के निशान को पार कर गई है, जिसके चलते नदी किनारे बसे सभी घरों को एहतियातन खाली करवा लिया गया है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केदारनाथ यात्रा को 24 घंटे के लिए स्थगित कर दिया गया है। साथ ही, लगातार भूस्खलन के कारण बद्रीनाथ और केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग कई स्थानों पर बंद हो गए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में चिंता और अफरातफरी का माहौल बन गया है।

रुद्रप्रयाग जिले में बीते 36 घंटों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। अलकनंदा और मंदाकिनी नदियां उफान पर हैं और खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नदी किनारे स्थित सभी घरों को एहतियातन खाली करवा लिया गया है। लगातार हो रही बारिश के चलते भूस्खलन की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इन हालातों के मद्देनजर केदारनाथ यात्रा को 24 घंटे के लिए स्थगित कर दिया गया है, जबकि चारधाम यात्रा पर भी अस्थायी रूप से रोक लगा दी गई है। यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोक कर उनकी देखभाल की जा रही है।

प्रशासन की अपील

बद्रीनाथ हाईवे शिरोबगड़ के पास बंद हो गया है, जिसके कारण हाईवे के दोनों छोरों पर हजारों यात्री फंसे हुए हैं। प्रशासन द्वारा लगातार यात्रियों से अपील की जा रही है कि वे सुरक्षित स्थानों पर ही ठहरे रहें और मौसम सामान्य होने तक आगे की यात्रा न करें। इस बीच, अलकनंदा नदी विकराल रूप धारण कर चुकी है, जिससे रुद्रप्रयाग में स्थिति और अधिक चिंताजनक हो गई है। नदी किनारे के तमाम आवासीय क्षेत्रों को बीती रात ही खाली करा लिया गया था।

उधर, रुद्रप्रयाग जनपद की बांगर पट्टी के करीब दो दर्जन गांवों को जोड़ने वाला मयाली रणधार-मोटरमार्ग पर बना मोटरपुल एक बरसाती गधेरे में तेज बहाव के चलते बह गया है। इसके चलते हजारों ग्रामीणों का संपर्क मुख्य मार्ग से कट गया है और वे घरों में ही कैद होकर रह गए हैं। फिलहाल रुद्रप्रयाग में बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है और इसका असर आम जनजीवन के साथ-साथ चारधाम यात्रा पर भी गंभीर रूप से पड़ा है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और राहत कार्य जारी हैं।

तेज बारिश के बीच पीसीएस परीक्षा देने जा रहे युवाओं का साहस लोगों का ध्यान खींच रहा है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें कुछ युवा बहते हुए गदेरे को पार करते नजर आए हैं, क्योंकि पुल पानी में बह गया था। आज राज्यभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर पीसीएस परीक्षा आयोजित की गई थी, और इसके बावजूद, अभ्यर्थियों ने जोखिम उठाकर परीक्षा में शामिल होने का फैसला किया।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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