Uttarkashi Badal Fata: उत्तराखंड में मानसूनी तबाही का आलम देखा जा रहा है। मंगलवार को राज्य के उत्तरकाशी जिले में धराली में बादल फट गया, जिसकी वजह से खीर गंगा नदी में बाढ़ आने से चार व्यक्तियों की मौत होने की पुष्टि हुई। इस हादसे में कई मकान और होटल मलबे में तब्दील हो गए। बादल फटने से अचानक अत्यधिक वर्षा के वेग ने हर्षिल वैली स्थित कई गेस्ट हाउस और होटलों को उजाड़ दिया, जिसमें कई लोगों के फंसे होने की संभावना है। मौसम विभाग ने बड़ा अलर्ट जारी करते हुए सतर्क रहने के लिए कहा है। आज और कल फिर से मूसलाधार बारिश की स्थितियां बन सकती हैं, जिसकी वजह से लैंडस्लाइड और बाढ़ का खतरा बन सकता है। लिहाजा, स्थानीय लोगों समेत पर्यटकों को यात्रा करने से परहेज करने की सलाह दी गई है।
कैसा रहेगा धराली का मौसम
मौसम विभाग ने उत्तरकाशी जिले के कुछ हिस्सों में 5 से 6 अगस्त को भारी बारिश और गर्जन के साथ बिजली चमकने की संभावना जताई है। जिले के अधिकांश हिस्सों में लगातार बारिश के चलते नदी नाले उफान पर हैं, जिसकी वजह से रास्तों और सड़कों पर जलभराव है। मंगलवार को आई आसमानी तबाही से पूरा गांव तबाह हो गया। ऊंचे-ऊंचे मकान पानी के वेग में बह गए, जिसमें लोगों के होने की आशंका है। हालांकि, प्रशासन ने पूरी तरह से स्थिति साफ नहीं की है। मौजूदा समय में धराली का अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने धराली में हुए भारी नुकसान पर दुख जताया और प्रभावितों के प्रति संवेदना प्रकट की है। न्यूज एजेंसी भाषा के हवाले से उन्होंने कहा कि सेना, राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) तथा जिला प्रशासन की टीम राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हैं। वह निरंतर वरिष्ठ अधिकारियों के संपर्क में हैं और स्थिति की नियमित जानकारी ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।
दरअसल, धराली गंगोत्री धाम से करीब 20 किलोमीटर पहले पड़ता है और यात्रा का प्रमुख पड़ाव है। एक स्थानीय प्रत्यक्षदर्शी राजेश पंवार ने बताया कि खीर गंगा के जल ग्रहण क्षेत्र के उपर बादल फटा जिसकी वजह से नदी में विनाशकारी बाढ़ आ गयी। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में दिखाई दे रहा है कि नदी में ऊपर से भारी मात्रा में तेजी से पानी और मलबा आया और देखते ही देखते मकान और होटल उसकी चपेट में आ गए।
इसके अलावा राज्य के हल्द्वानी के पास भाखड़ा नदी भी अपने साथ भारी मात्रा में पानी लेकर बह रही है। वहीं, रुद्रप्रयाग जिले में रात को भूस्खलन के कारण पहाड़ी से गिरे पत्थरों और मलबे के नीचे दो दुकानें दब गईं। राज्य की प्रमुख नदियां उफान पर हैं, जिनमें हरिद्वार में गंगा और काली नदी भी शामिल हैं।
उत्तराखंड के इन जिलों में मूसलाधार बारिश
मौसम विभाग ने बुधवार को देहरादून, चमोली, बागेश्वर, रूद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, नैनीताल, अल्मोड़ा, पौड़ी, उत्तकाशी, टिहरी, चंपावत के विभिन्न इलाकों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की है। इस दौरान कई जगहों पर आंधी-तूफान के साथ आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है।
