Uttarkashi Cloudburst Live Updates: उत्तरकाशी में आपदा के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, 300 से अधिक लोगों को बचाया गया, मौसम विभाग का रेड अलर्ट
Uttarkashi Cloudburst Live Updates: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली में बादल फटने के कारण खीर गंगा नदी में अचानक बाढ़ आ गई, जिससे पांच लोगों की मौत हो गई और कई मकान व होटल तबाह हो गए। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने मृतकों की पुष्टि की है और नुकसान का आकलन जारी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना पर दुख जताते हुए राहत और बचाव कार्यों का जायजा लिया है। सेना, SDRF, NDRF और जिला प्रशासन राहत कार्यों में लगे हुए हैं। उत्तरकाशी में बादल फटने की घटना की पल-पल की अपडेट पढ़िए टाइम्स नाउ नवभारत पर...!
Uttarkashi Cloudburst Live Updates: उत्तरकाशी में आपदा के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, 300 से अधिक लोगों को बचाया गया, मौसम विभाग का रेड अलर्ट
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बाढ़ में लापता हुए लोगों की संख्या के बारे में आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी नहीं मिली है लेकिन स्थानीय लोगों का मानना है कि यह संख्या 50 से अधिक हो सकती है क्योंकि बाढ़ के पानी के तेज बहाव के कारण लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने का मौका ही नहीं मिला। अधिकारियों ने बताया कि धराली में आई बाढ़ में कई मकान और होटल तबाह हो गए। धराली गंगोत्री धाम से करीब 20 किलोमीटर पहले पड़ता है और यात्रा का प्रमुख पड़ाव है। उन्होंने बताया कि दोपहर बाद करीब पौने दो बजे हुई इस घटना में कम से कम आधा धराली गांव मलबे और कीचड़ में दब गया। बाढ़ के पानी और मलबे के तेज बहाव में तीन-चार मंजिला मकानों सहित आस-पास की इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं।
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अधिकारियों के अनुसार, खीर गंगा नदी के जलग्रहण क्षेत्र में बादल फटने से यह विनाशकारी बाढ़ आई। बाढ़ से केवल धराली ही नहीं प्रभावित हुआ। राज्य आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि तेज गति से आया सैलाब एक ही पहाड़ी की दो अलग-अलग दिशाओं में बहा-एक धराली की ओर दूसरा सुक्की गांव की ओर। इस बीच, शाम तक जारी बारिश के कारण राहत एवं बचाव कार्यों में बाधा आई। इसके अलावा, राज्यभर में भूस्खलन के कारण सड़कों के अवरुद्ध होने से भी राहत कार्य में अड़चनें आईं और बचावकर्मियों को आपदाग्रस्त क्षेत्र में पहुंचने में कठिनाई हुई।अधिकारियों के अनुसार, खीर गंगा नदी के जलग्रहण क्षेत्र में बादल फटने से यह विनाशकारी बाढ़ आई। बाढ़ से केवल धराली ही नहीं प्रभावित हुआ। राज्य आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि तेज गति से आया सैलाब एक ही पहाड़ी की दो अलग-अलग दिशाओं में बहा-एक धराली की ओर दूसरा सुक्की गांव की ओर।
