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उत्तराखंड विधानसभा ने 'लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक-2025' को मंजूरी दी

गैरसैंण में चल रहे विधानसभा सत्र के बीच विपक्ष के जोरदार विरोध और हंगामे के दौरान 'उत्तराखंड लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक-2025' को ध्वनि मत से पास कर दिया गया।

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सेनानी सम्मान विधेयक-2025

देहरादून: गैरसैंण में चल रहे विधानसभा सत्र के बीच विपक्ष के जोरदार विरोध और हंगामे के दौरान 'उत्तराखंड लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक-2025' को ध्वनि मत से पास कर दिया गया। इस फैसले से आपातकाल के दौरान संघर्ष करने वाले योद्धाओं में खुशी का माहौल है और उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का शुक्रिया अदा किया है।

आपातकाल में कई महीनों तक जेल की यातनाएं झेलने वाले प्रेम बड़ाकोटी ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी, उनकी टीम और विधायकों के इस बहादुरी भरे तथा न्यायपूर्ण कदम के लिए पूरे उत्तराखंड के लोग, लोकतंत्र सेनानी और उनके परिवारजन हृदय से आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने बताया कि 50 साल के लंबे इंतजार के बाद सरकार ने इस मुद्दे को अपनाया और मान्यता प्रदान की। याद रहे, आपातकाल के खिलाफ लड़ने वाले कैदियों ने कभी सरकार से कोई मांग नहीं की। इतने लंबे समय तक उन्होंने उस अन्याय और संघर्ष को अपने दिल में बिना किसी स्वार्थ के संभाल कर रखा, ताकि आने वाली पीढ़ियां समझ सकें कि आपातकाल की तानाशाही कितनी डरावनी थी और उसका विरोध लोकतंत्र की सुरक्षा के लिए एक जन आंदोलन था।

बड़ाकोटी ने आगे कहा कि गैरसैंण सत्र में पारित इस कानून की संवैधानिक प्रक्रिया में उत्तराखंड सरकार के वरिष्ठ और कनिष्ठ अधिकारियों तथा शुभचिंतकों ने जो समय और मेहनत लगाई, उसके लिए हम हमेशा उनकी सराहना करेंगे। साथ ही, भाजपा संगठन के सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का भी धन्यवाद, जिन्होंने इस विषय पर सहमति दी और इसकी भावना को संरक्षण प्रदान किया। उन्होंने कहा कि पिछले सालों में कई वरिष्ठ कार्यकर्ता और आपातकाल के प्रेरणा स्रोत योद्धा इस दुनिया से चले गए, ऐसे में उनके योगदान को याद करना हमारा फर्ज है।

सामाजिक कार्यों में सक्रिय इन 'लोकतंत्र सेनानियों' को यह सम्मान मिलने से वे सभी पवित्र भाव से सभी को बधाई देते हैं और कामना करते हैं कि आप समाज सेवा में सफल और सिद्ध हों।लोकतंत्र सेनानी संघ के अन्य सदस्यों ने भी धामी सरकार का आभार जताया है। पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे आपातकाल में जेल जाने वाले सेनानियों को उचित सम्मान मिला है। सेनानी विजय स्नेही, पुनीत लाल ढींगरा, कृष्ण कुमार अग्रवाल समेत अन्य ने भी धामी सरकार का शुक्रिया अदा किया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हमारी सरकार ने उन बहादुर योद्धाओं का सम्मान किया है जिन्होंने लोकतंत्र को बचाया। कांग्रेस की इंदिरा गांधी सरकार ने अपनी कुर्सी बचाने के लिए आरएसएस और जनसंघ के नेताओं को जेल में डालकर यातनाएं दीं। वह दौर देश के लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय था। ऐसे योद्धाओं को सम्मानित करके हम खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।

Abhishek Sinha
अभिषेक सिन्हाauthor

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