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Shahjahanpur में चाइनीज मांझे से कटी सिपाही की गर्दन, चंद मिनट में तड़पकर मौत

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में चाइनीज मांझे में गर्दन फंसने से यूपी पुलिस के सिपाही की गर्दन कट गई, जिससे उसकी तड़प तड़प कर मौत हो गई ।

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चाइनीज मांझें में गर्दन कटने से सिपाही की मौत

शाहजहांपुर: अजीजगंज क्षेत्र में गर्रा पुल के नजदीक बाइक से ड्यूटी जा रहे उत्तर प्रदेश पुलिस के सिपाही की चाइनीज मांझे में गर्दन फंसकर कट गई , जिससे उसकी तड़प तड़प कर मौत हो गई । सनसनी फैला देने वाली इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए । सिपाही अमरोहा करने वाला बताया जा रहा है।

अमरोहा के थे शाहरुख

शाहजहांपुर के अभियोजन सेल में पोस्टेड अमरोहा का रहने वाला शाहरुख आज ड्यूटी पर जाने के लिए घर से निकला। वह अजीजगंज क्षेत्र में गर्रा पुल के निकट पहुंच ही पाया था कि तभी उसकी गर्दन में चीनी मांझा फंस गया। वह मांझे को निकालने की कोशिश करता। इसी समय दूसरी तरफ से मांझा तेजी से खींच लिया गया, जिससे उसकी गर्दन बुरी तरह कट गई और खून के फव्वारे उसकी गर्दन से निकलने शुरू हो गए। वह मोटरसाइकिल से जमीन पर गिर गया और 2 मिनट में ही तड़प तड़प कर उसकी मौत हो गई । जब तक लोग उसकी मदद के लिए पहुंचते तब तक उसकी मौत हो चुकी थी । उसे जिला अस्पताल ले जाया गया जहां मृत घोषित कर दिया गया ।

पुलिस अधीक्षक राजेश एस का कहना है कि चाइनीज मांझें से सिपाही की मौत के बाद पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि पूरे जिले में कहीं भी चीनी मांझा बिकता हुआ ना पाया जाए, वरना उनकी खैर नहीं है। सिपाही की मौत के बाद पुलिस विभाग में गम का माहौल है। जानकारी के मुताबिक, सिपाही शाहरुख बहुत मिलनसार था, जिस कारण उसके सहकर्मियों में माहौल गमगीन बना हुआ है। सिपाही के परिवार वालों को सूचना दे दी गई है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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