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UP Panchayat Chunav 2026: यूपी में कब होंगे प्रधानी के चुनाव? नहीं खत्म हो रहा इंतजार; तारीख बढ़ने से बढ़ा सस्पेंस

UP Panchayat Chunav 2026 : यूपी पंचायत चुनाव की तारीखों और वोटर लिस्ट जारी करने की तारीख को लेकर सस्पेंस बढ़ता जा रहा है। तय समय में चुनाव प्रक्रिय संपन्न कराने के मामले में दायर याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुनवाई अगले तारीख के लिए टाल दी है।

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UP Panchayat Chunav 2026 Date, यूपी में कब होंगे प्रधानी के चुनाव

UP Panchayat Election 2026 : उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव लड़ने का ख्वाब लिए बैठे लोगों को अभी और इंतजार करना होगा। यूपी पंचायत 2026 को लेकर जारी अनिश्चितता के बीच इलाहाबाद हाईकोर्ट में बुधवार को होने वाली अहम सुनवाई भी टल गई, जिससे चुनावी प्रक्रिया को लेकर सस्पेंस और बढ़ गया है। यह मामला राज्य निर्वाचन आयोग की तैयारियों और नियत समयसीमा के भीतर चुनाव कराने की संवैधानिक बाध्यता से जुड़ा हुआ है।

कब पूरा होगा यूपी पंचायत का कार्यकाल

मीडिया खबरों के मुताबिक, अधिवक्ता इम्तियाज़ हुसैन की दायर जनहित याचिका में मांग की गई है कि प्रदेश में पंचायत चुनाव समय पर कराए जाएं। याचिकाकर्ता की दलील है कि संविधान के अनुच्छेद 243E के तहत ग्राम पंचायतों का कार्यकाल उनकी पहली बैठक से अधिकतम पांच वर्ष का होता है और इसे किसी भी स्थिति में बढ़ाया नहीं जा सकता। यूपी में मौजूदा पंचायतों का कार्यकाल 27 मई 2021 से शुरू हुआ था, जो 26 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। ऐसे में अभी तक किसी प्रकार की प्रक्रिया का शुरू न होना सवालिया निशान खड़ा कर रहा है।

यूपी पंचायत चुनाव वोटर लिस्ट

जानकारी के मुताबिक, पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट की खंडपीठ (लखनऊ) ने उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग से विस्तृत हलफनामा दाखिल करने को कहा था। कोर्ट ने यह स्पष्ट करने को कहा कि क्या आयोग 15 अप्रैल तक मतदाता सूची प्रकाशित करने के बाद 26 मई तक पूरी चुनाव प्रक्रिया संपन्न करा सकता है। याचिका में यह भी कहा गया है कि वोटर लिस्ट के प्रकाशन में बार-बार लेट लतीफी हुई है। पहले यह प्रक्रिया दिसंबर 2025 में पूरी होनी थी, जिसे बाद में मार्च 2026 और अब 15 अप्रैल तक बढ़ाया गया। इसके अलावा निर्वाचन क्षेत्रों के आरक्षण और अन्य प्रक्रियाओं में भी समय लग सकता है, जिससे तय समयसीमा में चुनाव कराना आसान नहीं हो सकता।

हालांकि, बुधवार को कम समय के कारण इस मामले में सुनवाई नहीं हो सकी। लिहाजा अब इसे अगले सप्ताह के लिए टाल दिया गया है। इससे चुनाव कार्यक्रम की घोषणा में भी देरी की आशंका जताई जा रही है। इससे पहले भी हाईकोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग से चुनाव कार्यक्रम को अंतिम रूप देने और समय पर चुनाव कराने की संभावनाओं पर स्पष्ट जवाब मांगा था। बहरहाल, अब सभी की निगाहें अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह तय हो सकता है कि उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव समय पर होंगे या नहीं।

संविधान के किस अनुच्छेद में यूपी पंचायत का जिक्र

साल 1992 में यूपी पंचायत चुनाव संविधान के 73वें और 74वें संशोधन के बाद आर्टिकल 243K और 243ZA के तहत राज्य में पंचायतों और शहरी निकायों के स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने का दायित्व राज्य चुनाव आयोग को सौंपा गया है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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