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'विकसित भारत-समृद्ध उत्तर प्रदेश' कॉन्क्लेव: कांवड़ यात्रा नेम प्लेट विवाद पर मंत्री कपिल ने कहा-दुकान वेज है या नॉन वेज पता होना चाहिए

Viksit Bharat Samriddh UP Conclave : कांवड़ यात्रा के नेम प्लेट विवाद पर मंत्री ने कहा, 'यात्रा के दौरान मुझे कहां बैठना चाहिए, क्या खाना चाहिए, इसका अधिकार कांवड़ियों को होना चाहिए। आप पर किसी तरह का रोक नहीं है लेकिन धोखा किसलिए। हालांकि, अभी इस पर ज्यादा चर्चा करने की जरूरत नहीं है। आपने दुकान का नाम रखा संकल्प शुद्ध भोजनालय लेकिन आप नॉन वेज बेच रहे हैं।

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टाइम्स नाउ नवभारत के विकसित भारत-समृद्ध उत्तर प्रदेश कार्यक्रम में यूपी सरकार के मंत्री कपिल देव अग्रवाल।

Viksit Bharat Samriddh UP Conclave: 'आप दुकान में वेज, नॉन वेज बेचिए लेकिन आप जो हैं, उसके बारे में बताइए। आप यदि नॉन वेज बनाते और बेचते हैं तो यह लिखिए कि दुकान पर क्या मिलेगा? शाकाहारी दुकान वाले वेजेटेरियन और मांसाहारी नॉन वेज लिखें। दुकान पर स्पष्ट रूप से लिखा होने से जहां जिसकी मर्जी होगी, वहां खाना खाएगा। ये बातें उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने टाइम्स नाउ नवभारत के विकसित भारत-समृद्ध उत्तर प्रदेश कॉन्क्लेव में बात करते हुए कहीं।

'पता तो चले दुकान में क्या बिक रहा है'

कांवड़ यात्रा के नेम प्लेट विवाद पर मंत्री ने कहा, 'यात्रा के दौरान मुझे कहां बैठना चाहिए, क्या खाना चाहिए, इसका अधिकार कांवड़ियों को होना चाहिए। आप पर किसी तरह का रोक नहीं है लेकिन धोखा किसलिए। हालांकि, अभी इस पर ज्यादा चर्चा करने की जरूरत नहीं है। आपने दुकान का नाम रखा संकल्प शुद्ध भोजनालय लेकिन आप नॉन वेज बेच रहे हैं। हमने कहा कि आप दुकान में वेज, नॉन वेज बेचिए लेकिन आप जो हैं, उसके बारे में बताइए। आप यदि नॉन वेज बनाते और बेचते हैं तो यह लिखिए कि दुकान पर क्या मिलेगा? शाकाहारी दुकान वाले वेजेटेरियन और मांसाहारी नॉन वेज लिखेंगे। दुकान पर स्पष्ट रूप से लिखा होने से जहां जिसकी मर्जी होगी, वह खाना खाएगा। हां, ऐसे भी बहुत से लोग हैं जो शाकाहारी और मांसाहारी हैं। कई बार दुकान को लेकर लोगों को धोखे में रखा जाता है। हमने उस पर रोक लगाने के लिए कदम उठाया। यह हिंदू-मुस्लिम का विषय नहीं है।'

मंशा सपा की ठीक नहीं-कपिल देव अग्रवाल

नेम प्लेट वाले विवाद पर समाजवादी पार्टी (सपा) के आरोप पर अग्रवाल ने कहा कि मंशा समाजवादी पार्टी की ठीक नहीं है। वह समाज में विभाजन और भेद पैदा करना चाहती है। भाजपा सरकार किसी के साथ भेदभाव नहीं करती है, वह पीएम मोदी के 'सबका साथ, सबका विकास' मूल मंत्र पर आगे बढ़ रही है। यूपी में सबके साथ समान व्यवहार हो रहा है। योजनाओं में किसी धर्म और जाति के नाम पर पक्षपात नहीं है।

ITI में हमने कई सुधार किए-मंत्री

आईटीआई में सुधारों पर मंत्री ने कहा कि पूर्व की सरकारों में इस विभाग की तरफ ज्यादा ध्यान नहीं था। टाटा ग्रुप ने हमारे लिए करीब 7000 करोड़ रुपए का निवेश किया है। हमने यूपी की 150 आईटीआई को एक बार और दूसरे चरण में 62 आईटीआई और पांच सी ट्रिपल आईटी में निवेश किया। इनमें 87 प्रतिशत फंड टाटा ने और 13 प्रतिशत सरकार ने योगदान दिया। आज आईटीआई का रूप बदला हुआ है। कॉलेजों में नई-नई मशीनें और प्रौद्योगिकी लगी है। एआई, ड्रोन, इलेक्ट्रिक वेहिकल, सोलर, हॉस्पिटैलिटी और मेडिकल केयर में छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण देने का काम किया जा रहा है। हमने इंडस्ट्रियल समिट में आए लोगों से मैंपिंग कराने का काम किया। हमने उनसे पूछा कि उनकी जरूरतें किस तरह की हैं और उन्हें किस तरह का मैन पवार चाहिए। जिले वार सर्वे में जो बातें सामने आईं उसके हिसाब से बच्चों को प्रशिक्षण दिए जाने का काम किया जा रहा है। ताकि उन्हें अपने आस-पास ही रोजगार और नौकरी मिल जाए।

'औरंगजेब का जो महिमामंडन करेगा, उसका विरोध होगा'

सपा की तुलना औरंगजेब से करने पर मंत्री ने कहा कि 'हम हुल्ला-गुल्ला नहीं करते। विरोधियों को विकास की बातें पसंद नहीं आतीं। सरकार के हर अच्छे काम में वे बुराई निकालते हैं और नकारात्मकता फैलाते हैं। हमने सपा की तुलना औरंगजेब से नहीं की। औरंगबेज का महिमा मंडन करने वाले लोगों को यूपी में संरक्षण नहीं मिल पाएगा। औरंगजेब इस देश में आतंकी और आतातायी था। ऐसे व्यक्ति का महिमामंडन यदि कोई करेगा तो उसका विरोध तो स्वभाविक है।

'हम राष्ट्र को जगाने का काम कर रहे हैं'

राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर मंत्री ने कहा कि जो आतातायी बाबर, हुमायूं, अकबर थे, उनका इतिहास पढ़ाया जाता रहा। आप इन्हें पढ़ाकर बच्चों को क्या शित्रा देना चाहते हैं। आप छत्रपति शिवाजी महाराज, गुरु गोविंद सिंह, नानक देव, झांसी की रानी, अहिल्या बाई होल्कर के बारे में पढ़ाइए। हम इतिहास नहीं, राष्ट्र को जगाने का काम कर रहे हैं।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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