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'राहुल गांधी आप डिरेल हो गए हैं...' कांग्रेस सांसद की हाथरस यात्रा पर बोले डिप्टी सीएम बृजेश पाठक

Rahul Gandhi Hathras Visit: बृजेश पाठक ने कहा, राहुल गांधी जी आपके अंदर निराशा का भाव है, आप कुंठा के शिकार हैं। आपको ये भी नहीं पता कि हाथरस मामले की सीबीआई जांच हो चुकी है और मामला कोर्ट में चल रहा है।

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बृजेश पाठक ने राहुल गांधी पर साधा निशाना।

Rahul Gandhi Hathras Visit: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी आज हाथरस का दौरा करेंगे। वह हाथरस के बूलगढ़ी गांव जाएंगे और रेप पीड़िता के परिवार से मुलाकात करेंगे। राहुल गांधी की इस यात्रा को लेकर भाजपा ने उन पर निशाना साधा है। उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने आरोप लगाया है कि पहले संभल और फिर हाथरस की यात्रा के जरिए राहुल गांधी उत्तर प्रदेश को अराजकता और दंगों की आग में झोंकना चाहते हैं, लोगों को भड़काना चाहते हैं।

डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने कहा, राहुल गांधी जी आपके अंदर निराशा का भाव है, आप कुंठा के शिकार हैं। आपको ये भी नहीं पता कि हाथरस मामले की सीबीआई जांच हो चुकी है और मामला कोर्ट में चल रहा है। उन्होंने कहा, आज उत्तर प्रदेश इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में, कानून व्यवस्था के मामले में नंबर 1 राज्य बनने की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। पूरे देश में उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था की चर्चा होती है।

उत्तर प्रदेश में दंगे कराना चाहते हैं राहुल गांधी

बृजेश पाठक ने कहा, आज हम कह सकते हैं कि उत्तर प्रदेश में औद्योगिक क्रांति आ रही है। जबकि राहुल गांधी उत्तर प्रदेश को अराजकता की आग में, दंगों की आग में झोंकना चाहते हैं। वह लोगों को भड़काना चाहते हैं। उन्होंने कहा, राहुल गांधी कभी संभल जाना चाहते हैं, कभी अलीगढ़ जाना चाहते हैं। वह पूरी रहा डिरेल हो चुके हैं। मेरा आपसे अनुरोध है कि कृपया ऐसा न करें। उन्होंने कहा, आज उत्तर प्रदेश पूरे देश में नंबर 1 राज्य बनने की ओर अग्रसर है।

हाथरस में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

राहुल गांधी की हाथरस यात्रा को लेकर कानून व्यवस्था कड़ी की गई है। हाथरस के बूलगढी गांव में भारी संख्या में सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है। वहीं, पुलिस ने भी सुरक्षा के मद्देनजर पर्याप्त व्यवस्था की हुई है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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