Gonda Tantra Mantra Fraud: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले से अंधविश्वास और ठगी का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसे सुनकर हर कोई दंग है। यहां तंत्र-मंत्र और विशेष पूजा-पाठ के नाम पर लोगों की गाढ़ी कमाई उड़ाने वाले एक बड़े अंतरजनपदीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। कोतवाली मनकापुर पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम ने एक संयुक्त और कामयाब ऑपरेशन चलाकर इस गिरोह के मुख्य सरगना को गिरफ्तार कर लिया है।
नकदी का भारी अंबार बरामद
पुलिस ने जब इस शातिर ठग (Fake Tantrik Arrested Gonda) को दबोचा, तो उसके पास से 26 लाख 95 हजार रुपये की भारी-भरकम नकदी बरामद हुई। अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) अजीत कुमार रजक ने बताया कि गिरफ्तार मुख्य आरोपी का असली नाम शफीक अली उर्फ बड़े पुजारी है, जो मेरठ का रहने वाला है। वह अपना नाम और पहचान छुपाकर खुद को 'पंडित राम स्वरूप शर्मा उर्फ भगत जी' बताता था, ताकि लोग उस पर आसानी से भरोसा कर सकें।
अखबार के पर्चों से फैलता था जाल
इस गिरोह के ठगी करने का तरीका बेहद शातिराना था। आरोपी और उसके साथी सबसे पहले शहरों और गांवों में अखबारों के भीतर अपने पर्चे (पम्फलेट) बंटवाते थे। इन पर्चों में घरेलू कलह, बीमारी और नौकरी जैसी समस्याओं का तंत्र-मंत्र व चमत्कारी पूजा से 100% समाधान करने का दावा किया जाता था।
जब कोई परेशान परिवार इनके झांसे में आता, तो ये उनके घर में एक बड़ी और लंबी पूजा आयोजित कराते थे। पूजा के नाम पर परिवार से उनके सारे सोने-चांदी के जेवर और नकदी एक डिब्बे या कलश में रखवा लिए जाते थे। इसके बाद मुख्य खेल शुरू होता था; आरोपी अचानक कोई जहरीला सांप दिखाकर या भूत-प्रेत का तगड़ा खौफ पैदा कर घरवालों को पूजा स्थल से दूर भगा देते थे। जैसे ही मौका मिलता, ये जेवर और नकदी से भरा डिब्बा पार कर रफूचक्कर हो जाते थे।
पांच साथी पहले ही जा चुके हैं जेल
पुलिस इस गिरोह के खिलाफ काफी समय से जाल बिछा रही थी। मामले का खुलासा करते हुए एएसपी अजीत कुमार रजक ने बताया कि इस नेटवर्क के पांच सदस्यों को पुलिस पहले ही सलाखों के पीछे भेज चुकी है। अब मुख्य सरगना की गिरफ्तारी से इस गिरोह की कमर टूट गई है। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि इस नेटवर्क के तार और कहां-कहां जुड़े हैं और इन्होंने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।
