Delhi News: दिल्ली में अवैध निर्माण और नियमों का उल्लंघन कर खड़ी की गई इमारतों के खिलाफ नगर निगम का अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में सोमवार को दिल्ली नगर निगम (MCD) ने राजधानी के सभी 12 जोन में व्यापक कार्रवाई की। निगम की अलग-अलग टीमों ने 44 स्थानों पर तोड़फोड़ अभियान चलाया, जबकि नियमों के उल्लंघन के चलते 11 संपत्तियों को सील कर दिया गया। इसके साथ ही भवन निर्माण नियमों का पालन नहीं करने वाले पांच मामलों में ध्वस्तीकरण के आदेश भी जारी किए गए हैं।
पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों में बड़े स्तर पर अभियान चलाया गया
MCD अधिकारियों के अनुसार, राजधानी में अवैध निर्माण और अनधिकृत ढांचों की पहचान के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। शिकायतों और निरीक्षण के आधार पर निगम की टीमें संबंधित क्षेत्रों में पहुंचकर कार्रवाई कर रही हैं। सोमवार को पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों में भी बड़े स्तर पर अभियान चलाया गया। गांधी नगर, मंडावली फजलपुर, न्यू अशोक नगर, गणेश नगर-II एक्सटेंशन और ईस्ट विनोद नगर में निगम की टीमों ने नियमों के खिलाफ किए गए निर्माण पर कार्रवाई की।
अनधिकृत निर्माण हटाने के लिए शाहदरा क्षेत्र में भी चला अभियान
शाहदरा क्षेत्र में बलवीर नगर और न्यू मुस्तफाबाद में भी अनधिकृत निर्माण हटाने के लिए अभियान चलाया गया। इसके अलावा अशोक विहार, सावन पार्क एक्सटेंशन, नारायणा, न्यू मोती नगर, इंद्रपुरी, शालीमार बाग और तरुण एन्क्लेव सहित राजधानी के कई अन्य इलाकों में भी निगम की कार्रवाई देखने को मिली।
12 जोन के अधिकारियों को मिले क्या निर्देश?
निगम का कहना है कि अवैध निर्माण के मामलों में कार्रवाई केवल भवन नियमों के पालन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। खतरनाक या मानकों के विपरीत बने ढांचे किसी भी समय हादसे का कारण बन सकते हैं। ऐसे में सभी 12 जोन के अधिकारियों को नियमित निरीक्षण और निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। MCD ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर आगे भी सीलिंग, तोड़फोड़ और ध्वस्तीकरण जैसी कार्रवाई जारी रहेगी।
