लखनऊ : सीएम योगी आदित्यनाथ अपनी चार दिवसीय सिंगापुर और जापान की आधिकारिक यात्रा पूरा कर शुक्रवार सुबह राजधानी लखनऊ लौट आए। चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (अमौसी) पर सीनीयर ऑफीसर्स ने उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने इस दौरे को उत्तर प्रदेश के औद्योगिक भविष्य को नई दिशा देने वाला बताया। सीएम योगी की इस यात्रा के दौरान प्रदेश सरकार को 1.5 लाख करोड़ के एमओयू और 2.5 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इन निवेश प्रस्तावों के धरातल पर उतरने से 5 लाख से अधिक युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बनेंगे।
तीन बड़े निवेश रोड शो
चार दिनों के विदेशी दौरे के दौरान दोनों देशों में लगभग 60 से अधिक औपचारिक संवाद और कार्यक्रम आयोजित हुए। इस दौरान तीन बड़े निवेश रोड शो भी आयोजित किए गए, जिसमें एक सिंगापुर में, दूसरा टोक्यो में और तीसरा जापान के प्रमुख प्रांत यामानाशी में संपन्न हुआ। दोनों देशों में आयोजित इन कार्यक्रमों में कुल मिलाकर लगभग 450 से 500 निवेशक, उद्योगपति तथा वित्तीय संस्थानों के शीर्ष प्रतिनिधि शामिल हुए।
इन क्षेत्रों में निवेश के लिए बढ़े कदम
मुख्यमंत्री की इन बैठकों में राज्य की औद्योगिक नीतियों, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, कानून-व्यवस्था और विशाल कंज्यूमर मार्केट की विशेषताओं को विस्तार से प्रस्तुत किया गया। दौरे के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में समझौता ज्ञापनों और निवेश प्रस्तावों पर सहमति बनी। इनमें ग्रीन हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, स्किल डेवलपमेंट और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रमुख रहे। मुख्यमंत्री ने इन्वेस्ट यूपी और संबंधित विभागों को इन निवेश प्रस्तावों को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में मॉर्डन इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए 200 करोड़ रुपये के निवेश के लिए एक जर्मन रेल इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के साथ समझौते की घोषणा की। जर्मनी में कंपनी के विनिर्माण संयंत्र के दौरे में रेलवन जीएमबीएच के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
