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रोहतास में धराशाई हो गया 13 करोड़ का निर्माणाधीन रोपवे पिलर, घटिया निर्माण ने खोल दी पोल

रोहतास प्रखंड मुख्यालय से ऐतिहासिक चौरासन मंदिर तक के दुर्गम रास्ते को सुगम बनाने के लिए इस रोपवे का निर्माण किया जा रहा था। निर्माण कार्य पूरा होने पर ट्रायल के बाद नए वर्ष में पर्यटकों के लिए इसे खोलने की योजना थी, लेकिन शुक्रवार को अचानक रोपवे का पिलर भार सहन नहीं कर सका और ट्रॉली समेत नीचे गिर गया।

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रोहतास में गिरा रोपवे पिलर

रोहतास : जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने का सपना उस वक्त चकनाचूर हो गया, जब ट्रायल के दौरान हीं निर्माणाधीन रोपवे का पिलर व ट्रॉली अचानक से धराशाई हो गया। लगभग 13 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस रोपवे के धराशाई होने से न केवल पर्यटन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं, बल्कि नए साल में यहां घूमने की योजना बना रहे पर्यटकों की उम्मीदों पर भी पानी फिर गया है।

दुर्गम रास्ते को सुगम बनाने की थी योजना

जिले के रोहतास प्रखंड मुख्यालय से ऐतिहासिक चौरासन मंदिर तक के दुर्गम रास्ते को सुगम बनाने के लिए इस रोपवे का निर्माण किया जा रहा था। निर्माण कार्य पूरा होने पर ट्रायल के बाद नए वर्ष में पर्यटकों के लिए इसे खोलने की योजना थी, लेकिन शुक्रवार को अचानक रोपवे का पिलर भार सहन नहीं कर सका और ट्रॉली समेत नीचे गिर गया। गनीमत रही कि ट्रायल के दौरान ट्रॉली में कोई व्यक्ति सवार नहीं था, अन्यथा जनहानि भी हो सकती थी।

गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर सवाल

दरअसल लगभग 60 किलोमीटर के दुर्गम रास्ते को चंद मिनटों में तय कराने वाली इस महत्वाकांक्षी योजना का इस तरह विफल होना भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग का प्रमाण है। स्थानीय लोग अब इसके गुणवत्ता व सुरक्षा मानकों पर सवाल उठाते हुए दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

पर्यटन पर लगा ग्रहण

बता दें कि ऐतिहासिक रोहतासगढ़ किला और चौरासन मंदिर के दर्शन के लिए प्रतिवर्ष हजारों श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। रोपवे के शुरू होने से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलता, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती। लेकिन इस हादसे के बाद रोपवे कार्य फिर अधर में लटक गया है और पर्यटकों को अब लंबा इंतजार करना होगा।

स्थानीय विधायक ने की निंदा

वहीं लोजपा के स्थानीय विधायक मुरारी प्रसाद गौतम ने हादसे की निंदा करते हुए निर्माण कार्य में चूक की बात स्वीकार की है। उन्होंने कहा कि विभाग एवं संवेदक की लापरवाही से पिलर के निर्माण में गुणवत्ता का ख्याल नहीं रखा गया, जिसके कारण यह हादसा हुआ। उन्होंने जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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