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Ujjain: बिजली बिल मांगने पर कर्मचारियों को घसीट-घसीटकर पीटा, 4 घंटे बाद पुलिस ने दर्ज की FIR

उज्जैन के इंगोरिया थाना क्षेत्र में बकाए बिजली बिल की वसूली करने पहुंची विद्युत विभाग की टीम पर दबंग किसान और उसके बेटे ने जानलेवा हमला कर दिया। कर्मचारियों को घसीटकर पीटने का वीडियो भी वायरल हुआ है।

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उज्जैन के खरसौद खुर्द का मामला

Photo : Times Now Digital

मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले से सरकारी तंत्र और कानून-व्यवस्था को शर्मसार करने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। जिले के इंगोरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम खरसौद खुर्द में बकाए बिजली बिल की वसूली और चेकिंग करने पहुंची विद्युत वितरण कंपनी की टीम पर दबंगों ने जानलेवा हमला कर दिया। बकाएदारों ने कर्मचारियों को घर से घसीट-घसीटकर लाठी-डंडों, मुक्कों और रॉड से बेरहमी से पीटा। इस बर्बर हमले में बिजली विभाग के वरिष्ठ परीक्षण सहायक ईश्वर भिलाला (50) की आंख, सिर और कंधे पर गंभीर चोटें आई हैं। घटना का एक रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार दोपहर करीब 3:15 बजे बड़नगर संभाग के खरसौद खुर्द वितरण केंद्र में पदस्थ वरिष्ठ परीक्षण सहायक ईश्वर भिलाला अपने साथी कर्मचारियों कचरू गारी, घनश्याम गारी और अनिल के साथ क्षेत्र में निकले थे। टीम किसान श्याम पंड्या के खेत स्थित मकान पर अस्थाई कृषि विद्युत कनेक्शन के बकाए बिल की वसूली और टीसी जांच के लिए पहुंची। अधिकारियों ने जब किसान से बकाया बिल जमा करने का अनुरोध किया, तो वह भड़क गया और टीम को तुरंत भाग जाने की धमकी देते हुए गाली-गलौज करने लगा। जब अधिकारियों ने नियमानुसार स्टार्टर जब्त करने और बिजली कनेक्शन काटने की बात कही, तो किसान का गुस्सा बेकाबू हो गया। आरोप है कि उसने जातिसूचक अपशब्द कहे और कर्मचारी ईश्वर भिलाला पर मुक्कों व लाठियों से हमला कर दिया। इसी बीच किसान का बेटा अर्जुन पंड्या भी वहां पहुंच गया। पिता-पुत्र दोनों ने मिलकर कर्मचारियों को जमीन पर पटक-पटककर और घसीटकर पीटा। वायरल वीडियो में परिवार की कुछ महिलाएं भी विवाद में शामिल नजर आ रही हैं।

4 घंटे तक थाने में भटकता रहा कर्मचारी

हमले के बाद किसी तरह जान बचाकर भागे कर्मचारी जब FIR दर्ज कराने इंगोरिया पुलिस थाने पहुंचे, तो उन्हें भारी प्रशासनिक ढिलाई का सामना करना पड़ा। आरोप है कि राजनीतिक दबाव के चलते घायलों को करीब 4 घंटे तक थाने में बिठाकर रखा गया और केस दर्ज नहीं किया गया। जब घटना की खबर बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों तक पहुंची, तो सहायक अभियंता (AE) सौरभ गोस्वामी और बड़नगर संभाग का पूरा विभागीय अमला थाने में एकजुट हो गया। कर्मचारियों के भारी विरोध और दबाव के बाद आखिरकार रात करीब 8:15 बजे पुलिस हरकत में आई और आरोपियों पर मामला दर्ज किया गया।

पुलिस की कार्रवाई और 8 धाराओं में केस दर्ज

इंगोरिया थाना पुलिस ने मामले में त्वरित संज्ञान लेते हुए आरोपी किसान श्याम पंड्या और उसके बेटे अर्जुन पंड्या के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत 8 धाराओं में अपराध दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर घटना में शामिल अन्य लोगों और महिलाओं की भूमिका की भी जांच की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें उनके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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