उज्जैन : जिले के बड़नगर में मुहर्रम जुलूस के दौरान कार में किए गए विस्फोट के वायरल वीडियो को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। मामले में पुलिस द्वारा चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए फ्लैग मार्च निकाले जाने के बाद अब यह मुद्दा सियासी रंग भी ले चुका है। एक ओर भाजपा नेता और कैबिनेट मंत्री जयभान सिंह पवैया ने घटना को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है, वहीं दूसरी ओर शहर काजी नासिरुद्दीन ने पूरे मामले को दो अखाड़ों की पुरानी प्रतिद्वंद्विता का परिणाम बताया है।
दरअसल, 23 जून की रात बड़नगर के आदन मोहल्ला क्षेत्र में निकाले गए मुहर्रम जुलूस के दौरान एक कार को क्रेन की मदद से करीब 40 फीट ऊंचाई पर लटकाकर उसमें विस्फोट किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में धमाके के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद दिखाई दे रहे हैं। कुछ वीडियो में धमाके से पहले लोगों को लाल झंडे लहराते हुए भी देखा गया। कार पर "ले फिर आ गए" लिखा होने की बात सामने आने के बाद विवाद और गहरा गया।
मामले को लेकर पुलिस ने संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की और चार आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। साथ ही क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए फ्लैग मार्च भी निकाला गया। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि विस्फोट में लाइसेंसी आतिशबाजी का इस्तेमाल हुआ था या किसी अन्य विस्फोटक सामग्री का तथा आयोजन के लिए आवश्यक अनुमति ली गई थी या नहीं।
इस बीच भाजपा नेता जयभान सिंह पवैया ने घटना की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि "मजहबी जुनून" के नाम पर किसी भी तरह की दहशत फैलाने या शक्ति प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने सरकार से मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की और कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है।
दो अखाड़ों के बीच वर्षों पुरानी प्रतिद्वंद्विता
वहीं शहर काजी नासिरुद्दीन ने विवाद को अनावश्यक रूप से बढ़ाए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह मामला दो अखाड़ों के बीच वर्षों पुरानी प्रतिद्वंद्विता से जुड़ा है। उनके मुताबिक जुलूस में कोई आगजनी या गंभीर घटना नहीं हुई, बल्कि एक पुरानी और कबाड़ हो चुकी वैन पर केवल कुछ पटाखे लगाए गए थे। उन्होंने कार पर लिखे "ले फिर आ गए" संदेश को लेकर भी सफाई दी और कहा कि इसका उद्देश्य किसी समुदाय या व्यक्ति की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था।
शहर काजी ने कहा कि बड़नगर में हमेशा से सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे का माहौल रहा है तथा आज भी स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण है। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की अपील की। इससे पहले हिंदू जागरण मंच के नेता रितेश माहेश्वरी और हरिद्वार के संत स्वामी शिवानंद गिरि समेत कई लोगों ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो पर आपत्ति जताते हुए कार्रवाई की मांग की थी। स्वामी शिवानंद गिरि ने इसे हिंसक प्रदर्शन जैसा बताते हुए सवाल उठाया था कि ऐसे आयोजन की अनुमति कैसे दी गई।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस घटना ने बड़नगर में मुहर्रम जुलूस के दौरान किए गए प्रदर्शनों, प्रशासनिक अनुमति और सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
