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गुजरात में शेरनी बनी काल, 2 साल की मासूम को घर से उठाकर बनाया शिकार; चीखती-चिल्लाती रही मां

गुजरात के गिर सोमनाथ जिले के पिछवी गांव से एक दिल दहला देने वाला हादसा सामन आया है, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। खेतों के पास स्थित एक घर में घुसी शेरनी ने दो साल की बच्ची को निशाना बनाकर उसकी जान ले ली। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है, जबकि वन विभाग ने शेरनी को पकड़कर जांच शुरू कर दी है।

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शेरनी के हमले से दो साल की बच्ची की मौत

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Gir Somnath Lioness Attack: गुजरात के गिर सोमनाथ जिले के पिछवी गांव से एक बेहद ही दुखद घटना सामने आई है। गांव के खेतों के पास रहने वाले हरसुख भाई के घर में आज मातम पसर गया। बताया जा रहा है कि हरसुख भाई अपने किसी काम से घर से बाहर गए हुए थे। घर में उनकी पत्नी भारती और दो साल की बेटी आराध्या ही मौजूद थीं। सुबह करीब 10 बजे एक शेरनी चुपके से उनके घर में घुस आई। भारती बर्तन साफ कर रही थीं और आराध्या पास में खेल रही थी। अचानक शेरनी ने बच्ची पर हमला कर दिया और उसे अपने साथ ले भागी। मां जोर-जोर से चिल्लाती रह गई लेकिन शेरनी नहीं रुकी और उसने बच्ची को फाड़ खाया। इस घटना के बाद से पूरे गांव में दहशत का माहौल है।

मशक्कत के बाद शेरनी को पकड़ा गया

हादसे के बाद आस-पास के ग्रामीण मौके पर जमा हुए और बच्ची की तलाश शुरू की लेकिन वह कहीं नहीं मिली। लगभग एक घंटे बाद फॉरेस्ट विभाग की टीम पहुंची और बच्ची की खोज के लिए अभियान शुरू किया। करीब एक घंटे की तलाश के बाद बच्ची का शव गांव से लगभग एक किलोमीटर दूर जंगल में मिला। वन विभाग ने मृतक बच्ची के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए गिर गढ्डा सिविल अस्पताल भेज दिया। उधर, मानव पर हमला करने वाली शेरनी की खोज भी जारी रही। वन विभाग की टीम ने लगातार प्रयास किए और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद शेरनी को पिंजरे में बंद करने में सफलता पाई।

रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर ने क्या बताया?

जामवला वन विभाग के रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर बी.बी. वाला ने बताया कि सुबह करीब 10 बजे शेरनी ने बच्ची पर हमला किया। जानकारी मिलते ही वे अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। थोड़ी ही देर में बच्ची का शव बरामद किया गया और फॉरेस्ट विभाग की गाड़ी से पोस्टमॉर्टम के लिए गिर गढ्डा सिविल अस्पताल भेज दिया गया। अधिकारी वाला ने बताया कि उनकी टीम ने लगभग एक घंटे की तलाश के बाद शेरनी को पकड़कर पिंजरे में बंद कर लिया।

परिवार को जल्द मिलेगा मुआवजा

घटना स्थल जंगल की सीमा से सटा हुआ क्षेत्र है, इसलिए आशंका है कि शेरनी के शावक भी आसपास मौजूद हो सकते हैं। वन विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है। उन्होंने कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिलते ही परिवार को जल्द से जल्द मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। नियमों के अनुसार, यदि किसी शेर या तेंदुए के हमले में मानव की मृत्यु होती है, तो सरकार की ओर से 10 लाख रुपये का मुआवजा प्रदान किया जाता है।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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