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पटना में बड़ी वारदात, घर में घुसकर जिंदा जला दिए 2 बच्चे? शहर में दहशत का माहौल

बिहार के पटना स्थित जानीपुर इलाके में एक घर से दो बच्चों के झुलसे हुए शव बरामद किए गए हैं। पुलिस ने बताया कि घटना का कारण अभी ज्ञात नहीं है।

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पटना में बच्चों को जिंदा जलाया (फोटो-@NBTBihar)

पटना : शहर के जानीपुर स्थित नगवां गांव में दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां आग में दो किशोरों की जलकर मौत हो गई। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। मृत बच्चों की उम्र करीब 10 और 15 वर्ष बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, बच्चे स्कूल से वापस आकर घर में सो रहे थे तभी ये घटना घटी है। परिजनों का आरोप है कि किसी ने घर में घुसकर दोनों बच्चे को आग के हवाले कर दिया, जिससे पलंग पर ही जलकर दोनों की मौत हो गई।

बिस्तर में ही जल गए बच्चे

सीटी एसपी वेस्ट भानु प्रताप ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल किया, उनका कहना है की पुलिस हत्या से लेकर हर पहलू पर जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि गुरुवार सुबह सूचना मिली कि जानीपुर इलाके में स्थित अपने घर में दो बच्चे मृत पड़े हैं। जिस बिस्तर पर दोनों के शव मिले, वह भी जला हुआ था। फिलहाल शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

पुलिस मृतकों के माता-पिता के बयान भी दर्ज कर रही है। बच्चों की मां अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स)-पटना में सुरक्षा गार्ड के रूप में काम करती है और पिता चुनाव आयोग में कार्यरत हैं। मृतक बच्चों के नाम अंजली और अंश हैं। दोनों शोभा और ललन कुमार गुप्ता के बच्चे हैं।

एनबीटी से प्राप्त खबर के हवाले से मृतक के पिता ने बताया कि बच्चे स्कूल से वापस आकर घर में सो रहे थे। इसी दौरान किसी दबंग ने घर में घुसकर दोनों बच्चों को आग के हवाले कर दिया। जब हम पहुंचे तो दोनों बच्चे जल रहे थे।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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