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Jamshedpur News: मूर्ति विसर्जन के दौरान ट्रक ने श्रद्धालुओं को रौंदा, दो की मौत

जमशेदपुर के बेली बोधनवाला घाट में मूर्ति विसर्जन के दौरान एक अनियंत्रित ट्रक ने श्रद्धालुओं को रौंद दिया, जिसमें कई लोग घायल हो गए। इनमें से दो लोगों की मौत हो गई।

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मूर्ति विसर्जन के दौरान ट्रक ने श्रद्धालुओं को रौंदा

Photo : ANI

जमशेदपुर: बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित बेली बोधनवाला घाट में प्रतिमा विर्सजन करने पहुंचे श्रद्धालुओं को अनियंत्रित ट्रक ने रौंद दियाष जिसमें करीब 6 श्रद्धालु घायल हो गए। बताया जा रहा है कि प्रतिमा विसर्जन करने पहुंचे एक ट्रक का ब्रेक फेल होने से वह सीधे नदी में जा गिरा। ट्रक सीधे दूसरे पूजा कमेटी की प्रतिमा विसर्जन कर रहे श्रद्धालुओं और ढकी बजने वाले पर जा गिरा, जिससे मौके पर भगदड़ मच गई। इसके बाद स्थानीय लोग और जिला प्रशासन के मदद से घायल को तत्काल टीएम भेजा गया। जहां इलाज के दौरान दो लोगों की मौत हो गई।

ट्रक का फेल हुआ ब्रेक

ढाक बजाने वालों के मुताबिक, वे सभी नदी के किनारे घांची बजा रहे थे और एक अनियंत्रित ट्रक नदी में आ गिरा, जिसमें चार लोग गाड़ी के नीचे दब गए। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए टाटा अस्पताल भेजा गया। वहीं पूर्वी के विधायक सरजू राय का कहना है कि घटना तो घट गई है, लेकिन प्रशासन को यह सारी चीज पहले से देखनी चाहिए थी। वहीं, जिला पार्षद उपाध्यक्ष राजकुमार सिंह का कहना है कि मृतक के परिवार के लोगों को प्रशासन को मुआवजा देना चाहिए।

झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री और आपदा मंत्री बन्ना गुप्ता टीएमएच ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना। इसके बाद उन्होंने घायलों का बेहतर इलाज के लिए दिशा निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि अस्पताल में बेहतर से बेहतर इलाज होगा। उन्होंने कहा कि यह मैंने अस्पताल के प्रमुख को आदेश दिया है। हलांकि, मृतकों को मुआवजा देने के संबंध कोई बात नहीं कही।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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