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पश्चिम बंगाल के Murshidabad में देसी बम से जबरदस्त धमाका, 3 लोगों की मौत; कई घायल

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में अवैध देशी बम बनाते समय हुए धमाके में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई। इस घटना में कई लोगों के घायल होने की खबर है।

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मुर्शिदाबाद में धमाका

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में कथित तौर पर अवैध देशी बम बनाते समय हुए धमाके में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और कुछ अन्य घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि यह घटना रविवार देर रात सागरपारा ग्राम पंचायत के अंतर्गत खोयरतला गांव में हुई। मृतकों की पहचान सकीरुल सरकार (32), मामोन मोल्ला (30) तथा मुस्तकिन शेख (28) के रूप में हुई है और घटना में घायल हुए लोग तुरंत मौके से फरार हो गए।

धमाके में उड़ी घर की छत

पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह धमाका मामोन के घर पर देशी बम बनाते समय हुआ। धमाके में घर की छत उड़ गई। हम मामले की जांच कर रहे हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि तीनों घायल, हाल ही में ‘फेंसेडिल’ की तस्करी में संलिप्त पाए गए थे। पुलिस अधिकारी के अनुसार, स्थानीय लोग मामोन मोल्ला और सकीरुल सरकार को मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले गए, लेकिन दोनों की रास्ते में ही मौत हो गई। फिलहाल, इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है और बम निरोधक दस्ता भी घटना स्थल पर जांच कर रहा है।

इससे पहले 7 अक्टूबर को पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के खैरासोल में एक निजी संस्था के स्वामित्व वाली कोयला खदान में भीषण विस्फोट में कम से कम सात खनिकों की मौत हो गई थी और सात अन्य घायल हो गए थे। उस वक्त बचाव कार्य में लगे एक अधिकारी ने बताया था कि प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि कोयला उत्खनन के लिए आवश्यक सुरक्षा उपायों का पालन किए बिना व‍िस्‍फोट क‍िया गया। इसके परिणामस्वरूप यह दुर्घटना हुई।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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