शहर

200 की रफ्तार, 3 घंटे में 430 किलोमीटर करेगी पार; केरल में दौड़ेगी बुलेट ट्रेन; बनेगा तिरुवनंतपुरम-कन्नूर कॉरिडोर

केरल के तिरुवनंतपुरम–कन्नूर तक हाई स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित कर सेमी बुलेट ट्रेन चलाने की दिशा में संशोधित प्रस्ताव पेश किया गया है। प्रस्ताव के अनुसार ट्रेनें अधिकतम 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी, जिससे करीब 430 किलोमीटर की दूरी 3 घंटे 20 मिनट में पूरी हो सकेगी।

Image

बुलेट ट्रेन (फोटो-Istock)

कोंकण रेलवे के पूर्व चेयरमैन ई. श्रीधरन ने केरल के लिए सेमी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का संशोधित प्रस्ताव पेश किया है। उन्होंने दावा किया कि नई योजना पहले की तुलना में तेज, कम लागत वाली और न्यूनतम भूमि अधिग्रहण वाली होगी। यह कॉरिडोर तिरुवनंतपुरम से कन्नूर तक प्रस्तावित है और नए प्लान में पथानामथिट्टा और मलप्पुरम को भी शामिल किया गया है। प्रस्ताव के अनुसार ट्रेनें अधिकतम 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी, जिससे करीब 430 किलोमीटर की दूरी 3 घंटे 20 मिनट में पूरी हो सकेगी। इस महत्वपूर्ण परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 56,500 करोड़ रुपए बताई गई है।

हाई-स्पीड रेल की क्या होंगी खासियतें

मीडिया को जानकारी देते हुए श्रीधरन ने कहा कि परिचालन ऊर्जा लागत का एक-तिहाई हिस्सा बचाया जा सकेगा, क्योंकि बिजली का उत्पादन परियोजना संचालित करने वाली कंपनी स्वयं करेगी। हाई-स्पीड रेलवे एक सेवा-उन्मुख व्यवस्था (Service Oriented System) होगी और न्यूनतम किराया स्तर पर रखा जाएगा, जो मोटे तौर पर एसी चेयर कार किराए के बराबर होगा। यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा, समयपालन और स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

दो मिनट का स्टॉप लेगी ट्रेन

डिजाइन के अनुसार नियमित स्टेशनों पर ट्रेन एक मिनट और प्रमुख स्टेशनों पर दो मिनट रुकेगी। प्रस्तावित मार्ग का अधिकांश हिस्सा एलिवेटेड वायाडक्ट और सुरंगों से होकर गुजरेगा, जिससे बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता कम होगी और पर्यावरणीय प्रभाव भी सीमित रहेगा। पहले प्रस्ताव पर सीमित प्रगति के बाद यह संशोधित योजना तैयार की गई है और इसे जल्द ही भारत सरकार के समक्ष विचार के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।

पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाली केरल सरकार अलग क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट कॉरिडोर (आरआरटीसी) परियोजना को आगे बढ़ा रही है। राज्य मंत्रिमंडल इस परियोजना को सैद्धांतिक मंजूरी दे चुका है, जिसमें चरणबद्ध तरीके से तिरुवनंतपुरम से कासरगोड तक तेज क्षेत्रीय परिवहन प्रणाली विकसित करने की योजना है। प्रारंभिक कार्यों के लिए बजट प्रावधान भी किया जा चुका है।

दो समानांतर प्रस्ताव केरल की बढ़ती परिवहन राज्य के लिए बड़ी सहूलियत लेकर आएंगे, जहां श्रीधरन की योजना हाईस्पीड और एलिवेटेड कॉरिडोर के जरिए लागत नियंत्रित करने पर केंद्रित है, वहीं राज्य सरकार की आरआरटीसी योजना प्रमुख शहरी केंद्रों को जोड़ने वाली एक लोकल परिवहन व्यवस्था के रूप में प्रस्तुत की जा रही है। दोनों परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट अभी अंतिम रूप में नहीं आई है। आने वाले महीनों में यह तय होगा कि नीति स्तर पर किस मॉडल को प्राथमिकता मिलती है और केरल के परिवहन ढांचे में कौन सा प्रस्ताव आगे बढ़ता है।

तिरुवनंतपुरम–कन्नूर हाई स्पीड रेल कॉरिडोर तिरुवंतपुरम से शुरू होकर कन्नूर तक विकसित किया जाएगा, जिसमें 15 से 22 स्टॉप स्टेशन प्रस्तावित हैं। इस परियोजना के जरिए तिरुवंतपुरम, कोच्चि, नेदुम्बस्सेरी, कन्नूर) को जोड़ेगी। फिलहाल, जो प्रस्तावित स्टेशन हैं, उनमें वर्कला, कोल्लम, कोट्टायम, एर्नाकुलम, त्रिशूरस, कोझिकोड और थालस्सेरी हैं। प्रत्येक स्टेशन की दूरी 20 से 30 किलोमीटर के अंतर पर होगी।

तिरुवनंतपुरम–कन्नूर हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के स्टेशन की लिस्ट

  • तिरुवनंतपुरम सेंट्रल (पहला स्टेशन)
  • तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट (टनल)
  • वर्कला
  • कोल्लम
  • कोट्टारक्करा
  • अदूर
  • चेगन्नूर
  • कोट्टायम
  • वैकोंम
  • एर्नाकुलम
  • अलुवा
  • नेदुम्बस्सेरी हवाई अड्डा
  • त्रिशूर
  • कुन्नमकुलम
  • एडप्पल
  • तिरुर
  • करिपुर
  • कोझिकोड
  • कोयिलैंडी
  • वडकारा
  • थालस्सेरी
  • कन्नूर (अंतिम स्टेशन)
Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

और पढ़ें
End of Article