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अहमदाबाद समेत गुजरात में 21 घरों को निशाना बनाने वाला शातिर चोर गिरफ्तार, ₹1 करोड़ का माल बरामद

गुजरात में लंबे समय से चोरियों से दहशत फैलाने वाले एक शातिर आरोपी को पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। नारोल पुलिस और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में यह गिरफ्तारी गांधीनगर से की गई।

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₹1.027 करोड़ के चोरी के माल के साथ आरोपी गिरफ्तार

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Gujarat News: अहमदाबाद समेत पूरे गुजरात में दहशत फैलाने वाले एक शातिर चोर को आखिरकार पुलिस ने धर दबोचा है। नारोल पुलिस की सतर्कता और सर्विलांस टीम की सटीक कार्रवाई के चलते गांधीनगर के सेक्टर-2 इलाके से आरोपी को करीब ₹1.027 करोड़ के चोरी के माल के साथ गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मालाभाई नाथाभाई समेचा (48) के रूप में हुई है, जो अकेले ही राज्यभर में 21 से अधिक घरफोड़ चोरियों को अंजाम दे चुका था। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी बेहद शातिर तरीके से बंद मकानों को निशाना बनाता था और सोना-चांदी के आभूषणों के साथ-साथ विदेशी मुद्रा भी चोरी कर लेता था।

क्या-क्या हुआ बरामद?

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से करीब ₹92 लाख के सोने-चांदी के जेवर, 7600 अमेरिकी डॉलर (करीब ₹7.14 लाख), एक कार, मोबाइल फोन और चोरी के औजार बरामद किए हैं। कुल मिलाकर ₹1 करोड़ से अधिक का माल जब्त किया गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी का आपराधिक इतिहास भी काफी लंबा है। उसके खिलाफ पहले से ही चोरी और घरफोड़ के कई मामले दर्ज हैं, जिनमें गुजरात के अलग-अलग शहर शामिल हैं। इसके बावजूद वह लगातार वारदातों को अंजाम देता रहा। फिलहाल पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने और किन-किन जगहों पर वारदातों को अंजाम दिया है और क्या इस नेटवर्क में कोई और भी शामिल है।

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने की कार्रवाई

वहीं, इससे पहले अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने बिहार के सनसनीखेज मर्डर के आरोपी को पकड़ा। मामला बिहार के औरंगाबाद जिले के बारून थाना क्षेत्र का है, जहां 1 जनवरी 2026 को दर्ज एक हत्या केस ने पुलिस को चौंका दिया था। मृतक दिलीप कुमार सिंह को रात में एक फोन कॉल आया, वह घर से बाहर निकले और फिर कभी लौटकर नहीं आए। अगले दिन सुबह उनकी लाश एक टायर पंचर की दुकान के पास गला कटा हुआ मिली। साफ था, यह कोई अचानक गुस्से का मामला नहीं, बल्कि सुनियोजित और बेहद क्रूर हत्या थी।

इस केस में 26 वर्षीय नजर-ए-आलम मुख्य आरोपी के रूप में सामने आया और वारदात के बाद फरार हो गया। पुलिस उसे ढूंढती रही और वह अपनी किस्मत पर भरोसा करता रहा। गलत खेल। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच को जैसे ही इस आरोपी के शहर में छिपे होने की पुख्ता जानकारी मिली, टीम ने टेक्नोलॉजी और मैदान दोनों पर खेल शुरू किया। मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स खंगाले गए, मुखबिरों को एक्टिव किया गया और हर संभावित ठिकाने पर नजर रखी गई। आखिरकार, लगातार ट्रैकिंग और सटीक प्लानिंग के बाद आरोपी को अहमदाबाद से पकड़ लिया गया। गिरफ्तारी इतनी सटीक थी कि आरोपी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। पुलिस के मुताबिक, इस ऑपरेशन में इंटर-स्टेट कोऑर्डिनेशन और एडवांस इन्वेस्टिगेशन टेक्निक्स का अहम रोल रहा। आरोपी को अब आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए बिहार पुलिस को सौंपा जा रहा है।

Dhruv Sanchania
ध्रुव संचानियाauthor

ध्रुव संचानिया गुजरात में टाइम्स नेटवर्क के सीनियर जर्नलिस्ट और ब्यूरो चीफ के पद पर कार्यरत हैं। ध्रुव ने प्रिंट, रेडियो, डिजिटल और टीवी पर शानदार काम किया है। क्राइम, इन्वेस्टिगेशन से लेकर इंसानी कहानियों तक में उनका काम गहराई से भरा होता है। जब वह हेडलाइन के पीछे नहीं भाग रहे होते तो वह सड़कों, सिनेमा और अगली छिपी हुई कहानी के पीछे भाग रहे होते हैं। उनका काम ऐसा है जो उन्हें अलग ला खड़ा करता है।

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