सड़कें सिर्फ जगहों को ही नहीं, बल्कि दिलों को भी जोड़ती हैं। ऐसी ही दिलों को जोड़ने वाली सड़क 6 महीने से बंद थी, जिसे BRO ने अब सार्वजनिक परिवहन के लिए खोल दिया है। ग्राम्फू-काजा-सुमडो रोड (Gramphu-Kaza-Sumdo road) सामिरक महत्व (strategically important) की सड़क है। यह सड़क मनाली और सुमडो को जोड़ती है। 211 किमी लंबी यह सड़क मार्ग ऊंचे पर्वतीय दर्रों से होकर गुजरती है और बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (Border Roads Organisation) यानी बीआरओ के अंडर में है।
BRO ने 22 मई 2024 को ही भारी वाहनों के लिए इस सड़क से बर्फ हटा दी थी। अब इस रोड से बर्फ पूरी तरह से हटाकर छोटी गाड़ियों के लिए भी खोल दिया गया है। सिस्सु (Sissu) में मौजूद BRO की 94 RCC ने 6 महीने बाद इस सड़क को आवाजाही के लिए खोल दिया है।
200-250 मीटर लंबे हिमखंड तोड़े
BRO के 94 RCC में असिस्टेंट इंजीनियर बीडी धिमान ने बताया कि भीषण ठंड के बीच उनके जवानों ने यहां काम किया और सड़क वापस खोलने के लिए शिगरी ग्लेशियर सहित 21 हिमखंडों को काटना पड़ा। उन्होंने बताया कि यह हिमखंड 30-40 फीट ऊंचे थे। यही नहीं इन हिमखंडो की लंबाई-चौड़ाई भी 200 से 250 मीटर तक की थी।बीआरओ के सिपाहियों ने 47 नालों को भी साफ किया, जिनमें भारी मात्रा में बर्फ जमी हुई थी। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि अब ग्राम्फू-काजा-सुमडो रूट पूरी तरह से खुल गया है। बता दें कि बीआरओ ने सर्दी का मौसम बीतने के बाद 16 अप्रैल को सड़क पर यातायात बहाली (Road Restoration) काम शुरू किया था।
टूरिस्टों के लिए खुला रूट
मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी के चलते इन दिनों हिमाचल प्रदेश में बड़ी संख्या में टूरिस्ट आ रहे हैं। ऐसे में BRO ने हिमाचल रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (HRTC) को लेह और काजा के बीच बसे चलाने की अनुमति दे दी है। HRTC ने लेह से दिल्ली के बीच भी बस सेवा चलाने की अनुमति मांगी है। बता दें कि लेह-दिल्ली रूट देश का सबसे लंबा बस रूट है, जिसमें 1026 किमी रूट तय होता है।अगर स्थितियां सामान्य रहीं तो आप भी HRTC की बस से मनाली-लेहर रूट पर बर्फ की घाटियों के बीच सफर कर पाएंगे। HRTC के अधिकारी ने बताया कि आर्मी ने सड़क के हालात का जायजा लेने के लिए दो बसों को लेह भेजा है। अगर परिवहन के लिए सड़क ठीक होती है तो इस रूप पर बस सेवा शुरू कर दी जाएगी। केलॉन्ग से लेह का रूट बड़े वाहनों के लिए खुला है।
