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South Delhi में भी फर्राटा मारेगी आपकी कार, अगले महीने से दो फ्लाईओवर बनाएगी सरकार

South Delhi में ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए अगले महीने से मोदी मिल और सावित्री सिनेमा फ्लाईओवर का निर्माण कार्य शुरू होने जा रहा है। इन प्रोजेक्ट के पूरा होने से साउथ को ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलेगी।

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साउथ दिल्ली को ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाएंगे ये दो फ्लाईओवर

अगर आप दिल्ली में रहते हैं तो आप दिल्ली के भारी ट्रैफिक जाम के बारे में भी जरूर जानते होंगे। खासतौर पर बात दक्षिण दिल्ली (South Delhi) की हो तो फिर कहने ही क्या? कई बार तो लोग इसी बात से डर जाते हैं कि उन्हें साउथ दिल्ली जाना है और फिर जाम से जूझना पड़ेगा। साउथ दिल्ली को इसी जाम से निजात दिलाने की तैयारी दिल्ली सरकार ने कर ली है। चलिए जानते हैं -

कहां बनेंगे यह फ्लाईओवर

साउथ दिल्ली को भारी ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए मोदी मिल और सावित्री सिनेमा फ्लाईओवर का निर्माण किया जाएगा। यह निर्माण कार्य अगले महीने यानी मई से शुरू भी हो जाएगा। दिल्ली सरकार के PWD ने यह पूरी योजना तैयार की है और इसके लिए टेंडर भी जारी किए जा चुके हैं।

कितने लंबे होंगे ये फ्लाईओवर?

दिल्ली के PWD मंत्री प्रवेश वर्मा ने इन फ्लाईओवर्स के बारे में जानकारी दी है। उनका कहना है कि इन फ्लाईओवर्स के बन जाने से साउथ दिल्ली को जाम से काफी हद तक राहत मिल जाएगी। मोदी मिल फ्लाईओवर को IIT गेट तक बनाया जाएगा और इसमें दोनों तरफ 3-3 लेन की सड़क बनेगी। कालकाजी मंदिर से मोदी मिल की ओर बनने वाले कैरिज-वे की लंबाई करीब 1140 मीटर यानी लगभग एक किमी होगी, जबकि दूसरी तरफ इसकी लंबाई 870 मीटर होगी। परियोजना के तहत सावित्री सिनेमा फ्लाईओवर को भी डबल किया जाएगा।

30 महीने में होगा इस फ्लाईओवर का काम

ज्ञात हो कि अभी मोदी मिल से IIT की ओर जाने की दिशा में एक ही पुल है। नया पुल IIT से मोदी मिल की तरफ बनाया जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि इस कार्य को 30 महीने में पूरा कर लिया जाएगा। महरौली-बदरपुर रोड पर नियमित तौर पर लगने वाले जाम से रोज लाखों लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए इस फ्लाईओवर प्रोजेक्ट को शुरू किया जा रहा है। पीडब्ल्यू डी ने यह योजना तैयार की है और इसके लिए जनवरी में टेंडर भी निकाला जा चुका है।

फ्लाईओवर बनने से क्या फायदे होंगे?

यह दोनों फ्लाईओवर बनने से सबसे बड़ा फायदा तो जाम से राहत मिलने के रूप में ही होगा। मोदी मिल और सावित्री सिनेमा फ्लाईओवर बनने से ओखला-नेहरू प्लेस- ग्रेटर कैलाश कॉरिडोर यानी आउटर रिंग रोड पर ट्रैफिक सिग्नल और चौराहों पर जाम कम होगा। इसके अलावा जिस सफर में अभी 20–30 मिनट लग जाते हैं, प्रोजेक्ट पूरा हो जाने से समय की काफी बचत होगी, खास तौर पर पीक आवर्स में। यही नहीं, वाहनों की सुचारू आवाजाही से धुआं कम होगा और वायु गुणवत्ता में भी सुधार होगा।

किन क्षेत्रों के लोगों को मिलेगा लाभ

इन फ्लाईओवर के बन जाने से नेहरू प्लेस, ग्रेटर कैलाश, कालकाजी और चित्तरंजन पार्क जैसे इलाकों में रहने वाले लोगों को जाम से राहत मिलेगी। साथ ही यहां से गुजरने वाले लाखों वाहन भी बिना किसी रुकावट के सफर कर सकेंगे। इन फ्लाईओवर के बन जाने से साउथ दिल्ली और साउथ ईस्ट दिल्ली की वेस्ट दिल्ली से कनेक्टिविटी में भी सुधार आएगा।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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