Arunachal Pradesh Flood: अरुणाचल प्रदेश में कुदरत की मार और भारी बारिश के कारण आई बाढ़ से हालात काफी गंभीर बने हुए हैं। स्थिति का जायजा लेने के लिए बुधवार को एक उच्च-स्तरीय केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल राज्य के प्रभावित इलाकों में पहुंचा। केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू के साथ मिलकर पूर्वी सियांग जिले के बोयिंग गांव का दौरा किया और बाढ़ से हुए नुकसान की जमीनी हकीकत देखी।
सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक, इलाके में बहने वाली सिबो कोरोंग नदी के उफान पर होने के कारण आसपास के गांवों में भारी तबाही मची है। नेताओं की इस टीम ने सबसे ज्यादा प्रभावित हुए इलाकों का पैदल दौरा किया। उन्होंने देखा कि किस तरह बाढ़ के पानी ने सार्वजनिक बुनियादी ढांचे, सड़कों, लोगों के घरों और बड़े पैमाने पर कृषि भूमि को नुकसान पहुंचाया है। इस दौरान मंत्रियों ने राहत शिविरों और प्रभावित लोगों से सीधी बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं।
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केंद्र देगा पुनर्निर्माण में पूरा साथ-शिवराज सिंह चौहान
दौरे के बाद केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रभावित परिवारों को ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार संकट की इस घड़ी में पूरी तरह अरुणाचल के लोगों के साथ खड़ी है। क्षतिग्रस्त हुए बुनियादी ढांचे को फिर से खड़ा करने और हर एक प्रभावित परिवार तक सही समय पर आर्थिक व राशन सहायता पहुंचाने के लिए केंद्र हरसंभव मदद देगा। वहीं, किरेन रिजिजू ने बताया कि इस बार अरुणाचल और पड़ोसी राज्य असम में बाढ़ आने की मुख्य वजह रिकॉर्ड तोड़ बारिश है। कई इलाकों में तो महज एक ही रात के भीतर 200 मिलीमीटर से भी ज्यादा पानी बरस गया, जिससे संभलने का मौका नहीं मिला। उन्होंने प्रभावितों के पुनर्वास का भरोसा दिया।
सुरक्षा हमारी पहली जिम्मेदारी: पेमा खांडू
मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा कि राज्य सरकार का पूरा अमला इस समय मुस्तैद है। सरकार की सबसे पहली प्राथमिकता लोगों की जान बचाना, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना और प्रभावितों को समय पर राहत सामग्री देना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सड़कों और टूटे पुलों को ठीक करने के काम में तेजी लाई जाए ताकि संपर्क बहाल हो सके। उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि राहत और बचाव कार्यों में फंड की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।
