RJD Foundation Day: आरजेडी के स्थापना दिवस के मौके पर पार्टी के युवा नेता तेजस्वी यादव ने विरोधियों पर जमकर राजनीतिक बाण चलाए। 1 जुलाई से शुरू होकर 5 जुलाई तक चलने वाले इस पांच दिवसीय स्थापना दिवस कार्यक्रम (RJD Sthapna Diwas) के पहले दिन तेजस्वी ने साफ कर दिया कि वे बिहार की सत्ता पर काबिज सरकार के खिलाफ आखिरी सांस तक लड़ेंगे।
अपने संबोधन में तेजस्वी यादव ने पार्टी के संस्थापक लालू प्रसाद यादव की विरासत को याद करते हुए कहा कि साल 1997 में जब इस पार्टी की नींव रखी गई थी, तब से लेकर आज तक कई ताकतों ने लालू जी को गिराने की कोशिश की। लेकिन वे हमेशा गरीबों और वंचितों के हक के लिए खड़े रहे। आज जो लोग आरजेडी के खिलाफ बोल रहे हैं, वे कभी लालू जी की ही पाठशाला से पढ़कर निकले हैं। तेजस्वी ने कहा, "यह कोई दुकान नहीं, बल्कि संघर्षों से तपी हुई पार्टी है। किसी माई के लाल में हिम्मत नहीं जो इसे तोड़ दे।"
सरकार और अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप
बिहार की वर्तमान कानून-व्यवस्था और आर्थिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए तेजस्वी ने कहा कि आज राज्य का खजाना पूरी तरह खाली है। सरकारी कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल पा रहा है और राज्य की कमान 'रिमोट कंट्रोल' से चलाई जा रही है। उन्होंने बिहार चुनाव का जिक्र करते हुए दावा किया कि जनता ने सबसे ज्यादा वोट आरजेडी को दिए, लेकिन अधिकारियों, पैसे और ईवीएम के खेल के दम पर नतीजों को प्रभावित किया गया। बिहार में हाल ही में हुए एक एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए उन्होंने सरकार की नीयत पर सवाल उठाए।
घोटालों और सुरक्षा पर सम्राट सरकार को घेरा
तेजस्वी ने रिशु श्री मामले का जिक्र करते हुए सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) को घेरे में लिया और कहा कि बड़े घोटालों में किसी नेता का नाम इसलिए नहीं आ रहा क्योंकि तार सीधे ऊपर से जुड़े हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा सुरक्षा कम करने और राबड़ी देवी का आवास बदलने के फैसले पर तंज कसते हुए तेजस्वी ने कहा, "हमें आपकी दी हुई सुरक्षा नहीं चाहिए, आप अपनी गाड़ियों का काफिला और बढ़ा लीजिए।"
अंत में उन्होंने कार्यकर्ताओं को नसीहत दी कि इस बार सिर्फ भीड़ जुटाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करना होगा। साथ ही चेतावनी भी दी कि 5 जुलाई को राज्य के सभी 38 जिलों में होने वाले कार्यक्रमों में किसी भी तरह का अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
