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Bihar News: उत्तराखंड टनल में फंसे सबाह अहमद ने की PM मोदी की तारीफ, बोले- बिहार सरकार ने नहीं ली हमारी सुध

उत्तराखंड में टनल से बाहर आने वाले बिहार के सबाह अहमद ने पीएम मोदी और उत्तराखंड सरकार की जमकर तारीफ की, साथ ही ये भी कहा कि टनल से बाहर आने के बाद बिहार सरकार ने उनकी कोई सुध नहीं ली।

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उत्तराखंड टनल में फंसे शख्स ने की PM मोदी की तारीफ

Bihar News: उत्तराखण्ड के उत्तरकाशी टनल में फंसे लोगों में पांच लोग बिहार से थे। जिनकी वापसी तो हो चुकी है, लेकिन इनकी बिहार सरकार की ओर से कोई सुध नही ली गई है। ऐसा कहने वाले सबाह अहमद नाम के व्यक्ति हैं, जो टनल में फंसे बिहार के पांच लोगों में से एक हैं। उन्होंने ये भी कहा कि जब से उनकी घर वापसी हुई है, तब से सरकार की ओर से कोई भी उनके हालचाल की जानकारी लेने भी नहीं आया है।

टाइम्स नाउ से सबाह की बातचीत

सबाह अहमद ने टाइम्स नाउ नवभारत से बातचीत में अपना दर्द बयान किया है, उन्होंने बताया कि वे बिहार सरकार की बेरुखी से दुखी हैं। सबाह अहमद ने कहा की जिस समय वे लोग टनल में फंसे हुए थे, तब हर राज्य की सरकार अपने-अपने लोगों की चिंता कर रही थी और उनकी जानकारी ले रही थी, लेकिन बिहार सरकार की ओर से उनके लोगों की कोई सुध नहीं ली गई। उन्होंने कहा कि टनल से बाहर आने के बाद भी बिहार सरकार का कोई नुमाइंदा उनकी सुध लेने के लिए अब तक नहीं पहुंचा है।

उत्तराखंड सरकार और पीएम मोदी की तारीफ

सबाह अहमद ने इस दौरान उत्तराखंड सरकार और प्रधानमंत्री मोदी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा की पीएम मोदी लगातार उन लोगों का हालचाल पता कर रहे थे और उनकी सुध ले रहे थे। सबाह ने कहा कि उनकी और ऊपर वाले की कृपा से ही आज वे लोग जिंदा है और टनल के बाहर सही सलामत निकल पाए हैं।

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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