Rishikesh-Karnaprayag Rail Line Project: ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन प्रोजेक्ट दिसंबर 2025 तक पूरा कर लिया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के पूरा हो जाने से इस लाइन पर बेहद रोमांचक सफर होने वाला है, क्योंकि 125 किलोमीटर लंबे प्रोजेक्ट में 105 किलोमीटर का सफर सुरंग से होकर तय होगा, जो यात्रियों को रोमांच से भर देने वाला होगा।
ट्रैक बिछाने का 70 फीसदी काम पूरा
इस परियोजना से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि इस लाइन पर ट्रैक बिछाने का 70 फीसदी काम पूरा हो चुका है। साथ ही सुरंगों का निर्माण भी पूर्ण हो गया है। उन्होंने बताया कि टनल में 60 किलोमीटर तक कंक्रीट लाइनिंग का भी काम हो चुका है। अब जो काम बचा है उसे दिसंबर, 2025 तक पूरा कर लिया जाएगा।
प्रोजेक्ट के तहत 20 पुलों का निर्माण
बता दें कि इस प्रोजेक्ट के तहत 20 रेलवे पुल बनाए गए हैं, जिनमें 16 मुख्य रेलवे पुल और चार छोटे रेलवे पुल शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, इस परियोजना के तहत श्रीनगर गढ़वाल, गोचर और कालेश्वर में रेलवे स्टेशनों को जोड़ने के लिए मोटर पुल भी बनाए गए हैं।
105 किमी सुरंग का हिस्सा
रेल विकास निगम के केंद्रीय परियोजना महाप्रबंधक अजीत सिंह यादव और उप महाप्रबंधक ओपी मालगुडी ने बताया कि 125 किलोमीटर लंबे ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन प्रोजेक्ट में 105 किलोमीटर सुरंग का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि इसे दिसंबर, 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य है, जिसके पूरा हो जाने से 2026 से इस लाइन पर ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा।
इस रेल लाइन में सुरक्षा मानकों का बखूबी से ध्यान रखा गया है। साथ ही इसके लिए देवप्रयाग में एक सड़क का निर्माण कार्य जारी है। इसके अलावा श्रीनगर, गोचर और कालेश्वर-सिंचाई में इसे नेशनल हाईवे से जोड़ा जाएगा, जिसके लिए मोटर पुलों का निर्माण किया गया है।
