रांची : झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन और 10 अगस्त को रांची में हुए प्रदर्शन-लाठीचार्ज पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने कुछ परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया है। छात्रों की अधिकतर मांगें मान ली गई हैं और परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए आईआईटी जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं से सलाह ली जाएगी। मुख्यमंत्री ने पूरे विवाद को विपक्ष का बुना हुआ ‘मकड़जाल’ करार देते हुए कहा कि जिस कंपनी को लेकर सवाल उठ रहे हैं, वह उत्तर प्रदेश की है। उन्होंने इसके पीछे षड्यंत्र होने का आरोप लगाया।
‘प्रशासन ने कल धैर्य का परिचय दिया’
10 अगस्त को रांची में हुए प्रदर्शन और लाठीचार्ज का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन ने पूरे मामले में धैर्य का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र में साल भर धारा 144 लागू रहती है, प्रदर्शनकारी वहां तक पहुंच गए। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर छात्रों को आंदोलन में आगे करने का आरोप लगाते हुए कहा कि गेरुआ वस्त्र पहनकर दुनिया को दिग्भ्रमित करने वाले लोग अब छात्रों का चोला पहन रहे हैं। उन्होंने कहा कि यही लोग सदन की गरिमा को तार-तार करते हैं और लोकतंत्र की बात करते हैं।
‘जेब में नोटों के बंडल, लोकतंत्र खरीदना चाहते हैं’
मुख्यमंत्री ने विपक्षी नेताओं पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं की जेब में नोटों के बंडल भरे पड़े हैं और वे लोकतंत्र को खरीदना चाहते हैं। अयोध्या में मंदिर निर्माण को लेकर भी उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने अयोध्या के मंदिर को भी नहीं छोड़ा।
परीक्षा व्यवस्था में सुधार का भरोसा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से ले रही है। अधिकतर मांगें स्वीकार की जा चुकी हैं। अब परीक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए आईआईटी जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं से सलाह ली जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा पैदा न हो।
