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Ranchi: रांची का एक गांव ऐसा भी जहां कोई नहीं करना चाहता अपनी बेटी की शादी, जानिए क्या है इस अजीब गांव का पूरा सच

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  • Updated Sep 7, 2022, 07:46 PM IST

Unique village of Ranchi: रांची जिले में कई ऐसे गांव हैं,जहां बुनियादी सुविधाओं के नाम पर कुछ भी नहीं है। इसका खामियाजा यहां के लोग भुगत रहे हैं। स्थिति ऐसे है कि गांव के लड़कों की शादी नहीं हो पा रही है।

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रांची के इस गांव में कोई नहीं करना चाहता शादी। (Photo Credit- Facebook)

KEY HIGHLIGHTS
  1. कांके प्रखंड की ऊपरी कोनकी पंचायत में बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव
  2. पहाड़ और जंगल के बीच बसी हुई है यह पंचायत
  3. पंचायत में पुल नहीं बनने से मुश्किल से होता है अन्य स्थानों से संपर्क

Ranchi News: रांची की कई पंचायत अब भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है। यहां रहने वाले लोगों को कई तरह की परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। इतना ही नहीं बुनियादी सुविधाएं नहीं होने की वजह से यहां शादी-ब्याह तक नहीं हो पा रहा है। यहां के लड़के कुंवारे ही रह जा रहे हैं। यह स्थिति है कांके प्रखंड की ऊपरी कोनकी पंचायत की। यह पंचायत पहाड़ और जंगलों के बीच बसी हुई है। पंचायत में पुल नहीं बनाए जाने से बेहद मुश्किल से यहां शहनाई बज पाती है। यहां के गांव में कोई भी शादी नहीं करना चाहता है। कोई परिवार अपनी बेटी का विवाह यहां नहीं कर रहा। राजधानी रांची से 26 किलोमीटर दूर कांके प्रखंड की ऊपरी कोनकी पंचायत है। यह पंचायत नदी की धारा में फंसी हुई है।

पंचायत के 15 गांवों में से 6 में ज्यादा परेशानीइस पंचायत में 15 गांव हैं। इनमें से 6 गांवों में सबसे अधिक परेशानी है। 1500 लोगों को हर दिन नदी पार करनी होती है। बरसात के मौसम में नदी का जल स्तर बढ़ने पर कोई भी नदी पार करने का साहस नहीं कर पाता है। इस पंचायत में युवओं की उम्र बढ़ रही है, लेकिन उनकी शादियां नहीं हो पा रही हैं। इसका कारण पंचायत में सड़क, पुल, स्वास्थ्य केंद्र का नहीं होना है। कई लोग शादी के लिए बातचीत करने के बाद यहां का हाल देखकर मना कर देते हैं। कहा कि दर्जनों लोग कुंवारे बैठे हैं।

शादीशुदा महिलाओं को भी होता है पछतावा

इस पंचायत में शादी कर चुकी महिलाओं को भी यहां विवाह करने का पछतावा होता है। कई महिलाओं का कहना है कि उनकी शादी सालों पहले इस गांव में हुई। लेकिन सड़क के अभाव में वे शादी के बाद से अपने पीहर तक नहीं गई हैं। कहीं बाहर घूमने जाना तो दूर की बात है। अन्य शहरों और गांवों से संपर्क नहीं होने के कारण वे लोग कुछ नया देख और सीख ही नहीं पा रहे है। ऐसा लगता है मानों वे गांव में कैद हो गई हैं।

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