राँची

झारखंड हाईकोर्ट को मिला 17वां चीफ जस्टिस, जानें कौन हैं न्यायाधीश तरलोक सिंह?

झारखंड हाईकोर्ट के 17वें चीफ जस्टिस के तौर पर तरलोक सिंह चौहान ने शपथ ली है। इससे पहले झारखंड के चीफ जस्टिस के रूप में कार्यरत रहे जस्टिस एम.एस. रामचंद्र राव का तबादला त्रिपुरा हाईकोर्ट कर दिया गया है।

Image

झारखंड हाईकोर्ट चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान (फोटो-@HemantSorenJMM)

रांची : झारखंड हाईकोर्ट के नवनियुक्त चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान ने बुधवार को पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। रांची के राजभवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके साथ ही वे झारखंड के 17वें चीफ जस्टिस बन गए। मुख्य सचिव अलका तिवारी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा जारी चीफ जस्टिस की नियुक्ति संबंधी वारंट को हिंदी और अंग्रेजी में पढ़कर सुनाया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, झारखंड हाई कोर्ट के सभी न्यायाधीश, झारखंड सरकार के कई मंत्री, महाधिवक्ता राजीव रंजन, जस्टिस तरलोक सिंह चौहान के परिजन और राज्य सरकार के अधिकारी उपस्थित रहे।

कहां के रहने वाले हैं न्यायाधीश तरलोक सिंह

9 जनवरी 1964 को हिमाचल प्रदेश के रोहड़ू में जन्मे जस्टिस तरलोक सिंह चौहान ने शिमला के बिशप कॉटन से स्कूली शिक्षा प्राप्त करने के बाद पंजाब यूनिवर्सिटी से कानून की डिग्री ली। उन्होंने 1989 में हिमाचल प्रदेश बार काउंसिल में वकील के रूप में नामांकन के बाद सभी विधायी शाखाओं में गहरा अनुभव अर्जित किया। वह 2014 में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश और फिर स्थायी न्यायाधीश बने।

जस्टिस चौहान ने पर्यावरण कानून, बाल कल्याण और न्यायिक सुधारों में उल्लेखनीय कार्य किया। वे किशोर न्याय समिति, विधिक सेवा प्राधिकरण और हाईकोर्ट की कंप्यूटर एवं ई-कोर्ट समिति का नेतृत्व कर न्यायपालिका में डिजिटल परिवर्तन में अहम भूमिका निभा चुके हैं।

इन क्षेत्रों में दे चुके हैं सेवा

वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में भारतीय न्यायपालिका का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उनके नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश न्यायपालिका ने ई-फाइलिंग, ऑनलाइन सेवाओं और डिजिटल न्यायिक प्रक्रियाओं में नए कीर्तिमान स्थापित किए। झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में जस्टिस चौहान की नियुक्ति की अधिसूचना भारत के राष्ट्रपति कार्यालय से 15 जुलाई को जारी की गई थी।

जस्टिस चौहान से पहले झारखंड के चीफ जस्टिस के रूप में कार्यरत रहे जस्टिस एम.एस. रामचंद्र राव का तबादला त्रिपुरा हाईकोर्ट कर दिया गया है। जस्टिस रामचंद्र राव ने 25 सितंबर 2024 को झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में शपथ ली थी, और उनके कार्यकाल में अदालत में कई अहम जनहित याचिकाओं और संवैधानिक मामलों की सुनवाई हुई।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!

संबंधित खबरें

Kal Ka Mausam: मानसून फिर बढ़ाएगा मुश्किल, यूपी-बिहार से लेकर मध्य और दक्षिण भारत तक कई इलाकों में जमकर बरसेंगे बादल; जानें लेटेस्ट अलर्ट

Kal Ka Mausam: मानसून फिर बढ़ाएगा मुश्किल, यूपी-बिहार से लेकर मध्य और दक्षिण भारत तक कई इलाकों में जमकर बरसेंगे बादल; जानें लेटेस्ट अलर्ट

रोहिणी में दिल्ली पुलिस का 'ऑपरेशन छापामारी चक्रव्यूह', 4 दिन की ताबड़तोड़ कार्रवाई में 161 चोरी के वाहन बरामद; 103 आरोपियों की हुई गिरफ्तारी

रोहिणी में दिल्ली पुलिस का 'ऑपरेशन छापामारी चक्रव्यूह', 4 दिन की ताबड़तोड़ कार्रवाई में 161 चोरी के वाहन बरामद; 103 आरोपियों की हुई गिरफ्तारी

जयपुर हिंसा के बाद पहले स्कूल का ठिकाना बदला, अब नई बिल्डिंग का ऐलान; आशुतोष रांका ने CM का जताया आभार

जयपुर हिंसा के बाद पहले स्कूल का ठिकाना बदला, अब नई बिल्डिंग का ऐलान; आशुतोष रांका ने CM का जताया आभार

मराठी नहीं सीखी तो बढ़ेगी मुश्किल! महाराष्ट्र में ऑटो-टैक्सी समेत पैसेंजर वाहन चालकों पर सख्ती, भाषा टेस्ट में फेल 777 ड्राइवरों को मिला आखिरी मौका

मराठी नहीं सीखी तो बढ़ेगी मुश्किल! महाराष्ट्र में ऑटो-टैक्सी समेत पैसेंजर वाहन चालकों पर सख्ती, भाषा टेस्ट में फेल 777 ड्राइवरों को मिला आखिरी मौका

दिल्ली से दूसरे राज्यों में भेजे जाएंगे खतरनाक कैदी, लागू होगा कैदियों के अंतरराज्यीय स्थानांतरण का प्रावधान

दिल्ली से दूसरे राज्यों में भेजे जाएंगे खतरनाक कैदी, लागू होगा कैदियों के अंतरराज्यीय स्थानांतरण का प्रावधान