राँची

Lohardaga में फांसी पर झूल गया सिपाही, इस साल अब तक 12 जवानों ने दी जान

झारखंड के लोहरदगा में एक पुलिस जवान फांसी के फंदे से लटककर जान दे दी। इस साल जनवरी से लेकर अब तक 12 जवानों ने खुदकुशी की है।

Image

Lohardaga में फांसी पर झूल गया सिपाही, इस साल अब तक 12 जवानों ने दी जान

रांची: लोहरदगा जिला अंतर्गत कुड़ू थाना क्षेत्र के कोलसिमरी गांव में राज्य पुलिस के जवान 32 वर्षीय रामू महतो ने फांसी लगाकर जान दे दी। शुक्रवार को पुलिस ने उसका शव बरामद किया। रामू महतो की पोस्टिंग सिमडेगा पुलिस लाइन में थी। वह 13 दिसंबर को छुट्टी लेकर घर आया था और 22 दिसंबर को उसे ड्यूटी पर लौटना था। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि जवान ने पारिवारिक कलह में खुदकुशी की है। अवसाद और तनाव में आकर पुलिस एवं सुरक्षा बलों के जवानों की आत्महत्या की घटनाएं झारखंड में लगातार हो रही हैं। इस साल जनवरी से लेकर अब तक 12 जवानों ने खुदकुशी की है।

इन जवानों ने की आत्महत्या

9 दिसंबर को धनबाद जिले के टुंडी थाना क्षेत्र में सीआरपीएफ के कैंप में तैनात हवलदार नंदकिशोर सिंह की मौत खुद की राइफल की गोली लगने से हो गई थी। आशंका जताई गई थी कि उसने खुदकुशी की। हालांकि, सीआरपीएफ के अफसरों ने इसे दुर्घटना बताया था। 26 नवंबर को धनबाद के बलियापुर में इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस के एक जवान संदीप कुमार सिंह ने खुद को गोली मार लिया था। संदीप उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग का रहने वाला था और झारखंड में चुनाव के दौरान उसकी ड्यूटी लगी थी। 5 नवंबर को लोहरदगा जिले के भंडरा थाना क्षेत्र के राजकीय उत्क्रमित उच्च विद्यालय स्थित कैंप में विधानसभा चुनाव ड्यूटी करने पहुंचे एसएसबी के जवान अनप्पा दुग्गाल ने खुद के इंसास राइफल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।

2 अक्टूबर को रांची में नगड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत सेंबो गांव में सीआरपीएफ कैंप में राहुल कुमार नामक जवान ने ड्यूटी के राइफल से खुद को गोली मार ली थी। मौके पर ही उसकी मौत हो गई थी। इसी दिन रांची के एयरपोर्ट थाना के पोखर टोली में एनडीआरएफ के एक जवान जय लकड़ा का शव पेड़ से लटका पाया गया था। इसके एक दिन पहले चाईबासा जिले के कराईकेला में झारखंड पुलिस के एक असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर ने भी खुद को गोली मारकर जान दे दी थी।

25 जुलाई को चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र के शीला ओपी स्थित सीआरपीएफ 22वीं बटालियन कैंप में आशीष कुमार नामक जवान ने खुदकुशी कर ली थी। जुलाई के आखिरी हफ्ते में लातेहार जिले के छिपादोहर थाना क्षेत्र के करमडीह पिकेट में पदस्थापित जवान प्रमोद सिंह की मौत उसके ही हथियार से गोली चलने की वजह से हो गई थी। 18 जून को बोकारो के हरला थाना क्षेत्र के सेक्टर 8 में एक सीआईएसएफ जवान संजीत ने अपनी पत्नी की गला दबाकर हत्या करने के बाद खुदकुशी कर ली थी।

31 मई को हजारीबाग डीआईजी आवास में तैनात जिला पुलिस के 31 वर्षीय जवान विकास कुमार ने ड्यूटी के दौरान खुद को गोली मार ली थी। मौके पर ही उसकी मौत हो गई थी। 6 फरवरी को चतरा स्थित सीआरपीएफ 190 बटालियन कैंप में कैलाश चंद मेहरा नामक जवान ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। वह मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिला के लोहड़ी गांव का रहने वाला था।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

और पढ़ें
End of Article