राँची

आंगन में जला दी बेटी की लाश! दहेज लोभियों ने की हत्या, मायके वालों ने ससुराल को बना दिया श्मशान

झारखंड के हजारीबाग में दहेज के खातिर विवाहिता की हत्या किए जाने से आक्रोशित बेटी के परिजनों ने ससुराल के ही आगन में उसकी चिता लगाकर आग के हवाले कर दिया।

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हजारीबाग में दहेज हत्या

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

हजारीबाग: जिले के बरही थाना क्षेत्र अंतर्गत चतरो गांव में मात्र चार महीने पहले ब्याही गई 22 वर्षीय प्रीति कुमारी की हत्या कथित रूप से उसके पति और ससुराल के लोगों ने दहेज की खातिर कर दी। इससे गुस्साए प्रीति के मायके वालों ने सैकड़ों लोगों के साथ मिलकर मंगलवार को उसका शव ससुराल की आंगन में चिता बनाकर जला दिया। पुलिस ने प्रीति के पति अजीत यादव और उसके देवर को गिरफ्तार किया है। इस घटना से पूरे इलाके में तनाव की स्थिति है। प्रीति कुमारी चौपारण के जगदीशपुर निवासी जगदीश यादव की पुत्री थी।

11 लोग नामजद

उन्होंने अपनी पुत्री की हत्या दहेज के लिए कर देने का आरोप लगाते हुए बरही थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। इसमें उसके पति सहित ससुराल के 11 लोगों को नामजद किया गया है। प्रीति की शादी इसी वर्ष 22 अप्रैल को चतरो गांव के अजीत यादव के साथ हुई थी।

दहेज को लेकर प्रताड़ित करते थे ससुराल वाले

उसके पिता और परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही उसे दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित किया जा रहा था। दहेज नहीं लाने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई थी। प्रीति से उनकी अंतिम बात 31 अगस्त की शाम 5 बजे हुई थी। इसके बाद 1 सितंबर की शाम उसके पति अजीत यादव ने फोन पर बताया कि प्रीति अचानक लापता हो गई है। मायके के लोग तुरंत चतरो गांव पहुंचे। पूरी रात तलाश के बावजूद उसका कोई पता नहीं चला।

2 सितंबर की दोपहर उसकी लाश गांव के एक डोभा (छोटा तालाब) में मिली। प्रीति के मायके वालों का कहना है कि उसके शरीर पर कई जगह जलने के निशान थे। उसकी एक आंख भी फूटी हुई थी। घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। पोस्टमार्टम के बाद प्रीति के मायके वाले सैकड़ों लोगों के साथ उसका शव लेकर उसके ससुराल पहुंचे और वहीं आंगन में अंतिम संस्कार कर दिया।

(इनपुट-भाषा)

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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