Gaya Tilkut: गया का तिलकुट अब रांची में भी इस मकर सक्रांति पर उपलब्ध है। गया और नवादा के कारीगर गया के फेमस तिलकुट को रांची में ही बना रहे हैं। अब गया से तिलकुट लाने के बजाय, रांचीवासी अपने ही मार्केट से फेमस तिलकुट खरीद सकेंगे।
गया के तिलकुट का स्वाद ही अलग
बिहार और झारखंड में ऐसे तो तिलकुट लगभग हर जगह बनता है। मकर सक्रांति के अवसर पर चुड़ा-दही के साथ इसे खाया जाता है। ऐसे तो यह पूरे ठंड में उपलब्ध रहता है। हर जगह पर बनने वाले तिलकुट में वो स्वाद नहीं होता जो गया के रमना बाजार के तिलकुट का होता है। रमना बाजार के तिलकुट का स्वाद ही अलग होता है। मुंह में जाते ही यह घुल जाता है। अक्सर मकर सक्रांति पर इसे गया से लोग मंगवाते हैं, लेकिन अब गया के कारीगर ही विभिन्न शहरों में जाकर तिलकुट बनाने लगे हैं, जिससे लोगों को तिलकुट का स्वाद भीगया वाला मिल जाता है और इसकी ताजगी भी बनी रहती है।
रांची में यहां उपलब्ध
मकर सक्रांति पर रांची में तिलकुट की काफी डिमांड रहती है, कई व्यापारी हर साल गया से तिलकुट लाकर यहां बेचते हैं, लेकिन इसमें घपले की भी गुंजाइश रहती है। लेकिन अब रांची के हरमू बाजार में गया के ही कारीगर तिलकुट बना रहे हैं। जहां से आप ताजा तिलकुट खरीद सकते हैं। वो भी गया के स्वाद वाला।
कैसे बनता है तिलकुट
तिलकुट बनाने के लिए सफेद तिल, चीनी या फिर गुड़ की जरूरत होती है। तिल को रोस्ट करके चीनी के साथ मिला लिया जाता है। फिर इसे मूसल से काफी समय तक कूटा जाता है।
