राँची

झारखंड में 2 समुदायों के बीच हिंसक झड़प, आगजनी-पथराव में 20 घायल; झंडा लगाने पर खूनी संघर्ष

झारखंड के हजारीबाग में झंडा लगाने को लेकर दो समुदायों में खूनी संघर्ष हो गया है। दोनों तरफ से पत्थरबाजी और आगजनी में 20 लोगों के घायल होने की खबर है।

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हजारीबाग हिंसा

हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग जिला अंतर्गत इचाक प्रखंड के डुमरौन गांव में दो समुदायों के बीच बुधवार को हिंसक झड़प हुई। दोनों ओर से जमकर पथराव हुआ, जिसमें कम से कम 20 लोग घायल हुए हैं। उपद्रवियों ने तीन मोटरसाइकिल में भी आग लगा दी। हिंसक टकराव की सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन के अधिकारी और सुरक्षा बलों की टुकड़ियां मौके पर पहुंचीं। इसके बाद हालात पर काबू पा लिया गया। बताया गया कि डुमरौन स्थित सरकारी विद्यालय के गेट पर धार्मिक झंडा लगाने को लेकर विवाद बढ़ा और देखते ही देखते दो समुदायों के लोग आमने-सामने हो गए। एक समुदाय ने करीब दो साल पहले विद्यालय में धार्मिक प्रतीक वाला मीनारनुमा गेट बना दिया था।

दोनों ओर से जमकर भिड़ंत

इस पर ग्रामीणों का एक समूह लगातार आपत्ति जताता रहा है। इसे लेकर जिले के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक सहित कई अफसरों को कई बार ज्ञापन भी सौंपा गया था, लेकिन प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। बुधवार को इसी गेट के पास एक समुदाय के लोग गाना बजाते हुए धार्मिक झंडा लगाने पहुंचे तो दूसरे पक्ष ने पथराव शुरू कर दिया। इसके बाद दोनों ओर से जमकर भिड़ंत हुई। घायलों का स्थानीय अस्पताल में इलाज कराया गया है। पुलिस के पहुंचने के बाद दोनों पक्षों को मौके से हटा दिया गया, लेकिन इस बीच तीन मोटरसाइकिल को आग के हवाले कर देने से तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।

इचाक के बीडीओ और थाना प्रभारी मौके पर मौजूद हैं। पुलिस-प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए इलाके में शांति बहाल करने के लिए अभियान तेज कर दिया है। दोनों पक्षों के बीच वार्ता कराने की कोशिश की जा रही है। एक समुदाय के लोगों का कहना है कि जब प्रशासन ने सरकारी विद्यालय में धार्मिक प्रतीक वाला मीनार का निर्माण नहीं रोका तो दूसरे पक्ष को भी वहां झंडा लगाने का अधिकार है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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