राँची

Ranchi में डबल मर्डर, आधी रात गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंजा आश्रम; दो लोगों की हत्या

झारखंड के रांची में दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। दोहरे हत्याकांड की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है।

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(सांकेतिक फोटो)

रांची : चान्हो थाना क्षेत्र स्थित आनंद शीला आश्रम में घुसकर बंदूकधारियों ने दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी। मारे गए लोगों की पहचान राजेंद्र यादव और महेश के रूप में हुई है। बुधवार आधी रात हुई वारदात से इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। ग्रामीण एसपी सुमित अग्रवाल ने बताया कि पुलिस दोहरे हत्याकांड की जांच कर रही है। इसके लिए एसआईटी का गठन किया गया है। अपराधियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

आश्रम में आधी रात घुसे हथियारबंद

बताया गया कि चान्हो थाना क्षेत्र के चौड़ा चामा में एक आश्रम है। राजेंद्र यादव और महेश दोनों लंबे समय से इसी आश्रम में रह रहे थे। रात लगभग एक बजे कुछ हथियारबंद लोग आश्रम पहुंचे और राजेंद्र यादव पर फायरिंग करने लगे। गोलियों की आवाज सुनकर जब महेश आगे बढ़े तो अपराधियों ने उन्हें भी गोली मार दी। फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक अपराधी वहां से भाग चुके थे। लोगों ने चान्हो पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने दोनों को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन महेश ने पहले ही दम तोड़ दिया था। राजेंद्र यादव की मौत अस्पताल में इलाज के दौरान हो गई।

गुरुवार सुबह इस वारदात की जानकारी मिलने पर इलाके के कई लोग आश्रम पहुंचे। बताया गया कि राजेंद्र यादव पर अपने भाई की पत्नी और उसकी मासूम बेटी की हत्या का आरोप था। वारदात को अंजाम देने के बाद वह आश्रम में छिपकर रह रहा था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, हत्याकांड के पीछे आपसी रंजिश का मामला हो सकता है। इस मामले में कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। दोनों मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेजे गए हैं।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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