झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में आ रही अड़चनों, गड़बड़ियों और अभ्यर्थियों की लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर गतिरोध सुलझाने की कवायद तेज हो गई है। 'JPSC-JSSC अभ्यर्थी न्याय मंच' (देवेंद्र महतो गुट) का 8 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल शनिवार सुबह 10:00 बजे रांची के मोरहाबादी स्थित राजकीय अतिथिशाला (स्टेट गेस्ट हाउस) में राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल के साथ दूसरे दौर की महत्वपूर्ण वार्ता करेगा। इससे पहले शुक्रवार शाम को भी सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच पहले चरण की वार्ता हुई थी, जिसे दोनों पक्षों ने सकारात्मक बताया था।
ये 8 लोग हैं डेलिगेशन का हिस्सा
छात्र न्याय मंच की ओर से सरकार के समक्ष मजबूती से अभ्यर्थियों का पक्ष रखने के लिए 8 प्रतिनिधियों को नामित किया गया है, जिनमें चंदन कुमार, रामा अवतार महतो, दिनबंधु मंडल, बिमल कुमार, पूजा कुमारी, प्रेम कुमार, रवि शंकर और अमित कुमार शर्मा शामिल हैं।
शुक्रवार को हुई पहले चरण की बातचीत में सरकार की ओर से कैबिनेट के प्रमुख चेहरे और वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। इस प्रतिनिधिमंडल में मंत्री संजय प्रसाद यादव, मंत्री दीपिका सिंह पांडेय, मंत्री चमरा लिंडा, सुद्धिव कुमार और स्वास्थ्य सचिव अजय कुमार सिंह शामिल रहे।
'फैसला होने तक जारी रहेगा आंदोलन, 10 अगस्त को विधानसभा घेराव'
वार्ता के सकारात्मक माहौल के बीच छात्र प्रतिनिधियों ने साफ कर दिया है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर कोई ठोस और अंतिम निर्णय नहीं ले लेती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। अभ्यर्थी न्याय मंच के नेताओं ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 10 अगस्त तक उनकी तमाम मांगों पर सरकार ठोस समाधान निकालकर सहमति नहीं जताती है, तो राज्यभर के हजारों अभ्यर्थी एकजुट होकर झारखंड विधानसभा का घेराव करेंगे।
उम्मीद जताई जा रही है कि शनिवार की इस दूसरे दौर की बैठक में भर्ती प्रक्रियाओं की पारदर्शिता, परीक्षा तिथियों और रिजल्ट से जुड़ी अड़चनों को दूर करने के लिए किसी ठोस निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकेगा।
