Delhi Stone Pelting: दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में मंगलवार देर रात तनाव फैल गया। अतिक्रमण हटाने पहुंची नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम पर अचानक पथराव शुरू हो गया। यह घटना तड़के करीब 2 बजे के बाद फैज-ए-इलाही मस्जिद (Turkman gate Faiz e ilahi masjid) और रामलीला मैदान के आसपास हुई, जहां दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई चल रही थी।
इस घटना से जुड़ी कई वीडियो सामने आ चुकी है। एक वीडियो में देखा जा सकता है कि समाजवादी पार्टी के रामपुर से सांसद मोहिब्बुलाह नदवी भी रात में घटनास्थल पर मौजूद थे। वीडियो में देखा जा सकता है कि वो भीड़ के बीच पुलिस से बहस कर रहे हैं।
रामपुर के सांसद घटनास्थल पर थे मौजूद
घटनास्थल पर पहुंचने को लेकर सपा सांसद ने बुधवार को सफाई दी। टाइम्स नाउ नवभारत से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि 'जनता की सलामती के लिए मैं मौके पर गया था।' मोहिब्बुलाह नदवी ने आगे कहा कि हमें यह डर था कि मस्जिद को नुकसान पहुंचाया जा सकता है। ऐसा न हो कि हालात बेकाबू हो जाए, इसलिए जनता की सलामती के लिए मैं वहां गया था।
मोहिब्बुलाह नदवी ने कहा कि मस्जिद न गिराई जाए। इसके लिए मैं वहां पहुंचा था। हालांकि, उन्होंने ये जानकारी नहीं दी कि आखिर किसने यह अफवाह फैलाया कि मस्जिद गिराई जाएगी।
एमसीडी ने हाई कोर्ट के आदेश का किया पालन: मेयर
वहीं, दिल्ली के मेयर राजा इकबाल सिंह ने तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने पर कहा, "एमसी़डी (MCD) ने हाई कोर्ट के आदेश का पालन किया है। रामलीला मैदान पर अवैध कब्ज़ा था जहांबैंक्वेट हॉल चल रहा था उसे हटाया गया। जब सरकार जनता की भलाई की बात करती है, तो कुछ धार्मिक लोग जनता को गुमराह करने और अफवाहें फैलाने की कोशिश करते हैं, जिससे ऐसी घटनाएं (पत्थरबाजी) होती हैं। ऐसी घटनाओं का कोई असर नहीं होगा क्योंकि हम दिल्ली को साफ़-सुथरा बनाना चाहते हैं।"
पांच जवानों को लगी चोट
बता दें कि अभियान के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने गलियों से पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिससे मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों को चोटें आईं। करीब पांच जवानों को मामूली चोटें लगीं। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए हल्का बल प्रयोग किया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े। एक बार फिर भीड़ ने इकट्ठा होने की कोशिश की, जिसे पुलिस ने तुरंत नाकाम कर दिया।
मस्जिद के पास बने एक बारात घर और अन्य व्यावसायिक निर्माण के अवैध हिस्सों को हटाने के लिए यह कार्रवाई की जा रही थी। नगर निगम की टीम रात में ही मौके पर पहुंच गई थी, ताकि अभियान को सुबह से पहले पूरा किया जा सके। इसी दौरान कुछ लोगों ने विरोध का रास्ता हिंसा के जरिए अपनाया और पुलिस टीम पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया।
