Rajasthan News: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रविवार को भाजपा पर धर्म के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि यदि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी सत्ता में होतीं तो वह ऐसे दल पर प्रतिबंध लगा देतीं। जयपुर में एक पुरस्कार कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गहलोत ने कहा कि संविधान में धर्म आधारित राजनीति के लिए कोई जगह नहीं है और भाजपा चुनावी लाभ के लिए हिंदुत्व के नाम पर लोगों को संगठित कर रही है।
BJP पर बरसे अशोक गहलोत
उन्होंने कहा, "संविधान के तहत सभी धर्म के लोगों को समान अधिकार मिले हुए हैं। धर्म को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।" कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने निर्वाचन आयोग पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि वह भाजपा के एजेंट की तरह काम कर रहा है। गहलोत ने दावा किया कि न्यायपालिका समेत लोकतांत्रिक संस्थाएं दबाव में हैं और प्रवर्तन निदेशालय (ED), केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) और आयकर विभाग जैसी केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ किया जा रहा है।
'भाजपा ने मतदान अधिकारों को किया कमजोर'
उन्होंने भाजपा पर लोकतांत्रिक संस्थाओं और मतदान अधिकारों को कमजोर करने का आरोप लगाया और कहा कि ऐसे कदम गरीब लोगों को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करेंगे। गहलोत ने भाजपा और आरएसएस की विचारधारा की आलोचना करते हुए उन्हें खतरनाक बताया। उन्होंने कहा, "भाजपा ने सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे नेताओं को राजनीतिक उद्देश्यों के लिए याद किया, लेकिन उनके मूल्यों की अनदेखी की।"
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गहलोत ने क्षेत्रीय दलों से राहुल गांधी के नेतृत्व को स्वीकार करने का आग्रह किया और कहा कि वह संसद के भीतर और बाहर प्रभावी ढंग से जनता से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा हिंदुत्व की राजनीति कर रही है। उन्होंने लोकसभा में भाजपा का कोई मुस्लिम सांसद नहीं होने की ओर इशारा किया। उन्होंने दावा किया कि मुख्तार अब्बास नकवी और शाहनवाज हुसैन जैसे नेताओं को पार्टी ने हाशिये पर डाल दिया है।
