Rajasthan Weather: लगभग दो हफ्ते के लंबे ब्रेक के बाद राजस्थान में मानसून ने एक बार फिर से रफ्तार पकड़ ली है। आज यानी मंगलवार सुबह से ही सीकर, जयपुर सहित कई जिलों में रुक-रुककर तेज बारिश का दौर जारी है। सीकर में छह घंटे के अंदर 90 मिमी से ज्यादा बारिश हो गई, जिससे शहर के कई हिस्सों में चार फीट तक पानी भर गया।
गुलाबी नगरी और राज्य की जयपुर में कल यानी सोमवार देर शाम शुरू हुई बारिश आज सुबह तक जारी रही। भारत मौसम विभाग (IMD) ने आज राज्य के 33 जिलों में आंधी और बारिश का यलो अलर्ट जारी करते हुए अगले तीन दिनों तक व्यापक वर्षा और कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई है।
कल-परसों भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक मानसून ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति में लौट आई है। इसके चलते बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमीयुक्त हवाएं अब पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राजस्थान में सक्रिय हो रही हैं। आज कोटा, जयपुर, भरतपुर, अजमेर और बीकानेर संभाग के कई हिस्सों में मध्यम से तेज बारिश का अनुमान है, जबकि कल यानी बुधवार 22 जुलाई से जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर, उदयपुर, जोधपुर और बीकानेर संभाग में भारी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
सीकर में बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त
कल से हो रही बारिश में सीकर सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में रहा। देर रात से मंगलवार सुबह तक हुई मूसलाधार बारिश के कारण नवलगढ़ रोड सहित कई प्रमुख इलाके और रास्ते जलमग्न हो गए। सीकर ग्रामीण में 119 मिमी और धोद में 116 मिमी बारिश हुई। इसके अलावा रींगस, पलसाना और लक्ष्मणगढ़ में भी अच्छी बारिश हुई। कोटपूतली-बहरोड़ में लगातार दूसरे दिन बारिश का दौर जारी रहा, जहां पिछले 36 घंटों में 35 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है।
पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में अब भी गर्मी
जयपुर में बारिश के कारण अधिकतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस गिरकर 34.4 डिग्री तक पहुंच गया। उदयपुर, अलवर, कोटा, भीलवाड़ा, दौसा और चित्तौड़गढ़ सहित कई जिलों में भी बारिश ने लोगों को उमस और गर्मी से राहत दिलाई। हालांकि, पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में गर्मी का असर अब भी बना हुआ है।
श्रीगंगानगर में तापमान अब भी 43 डिग्री के करीब
लंबे मानसून ब्रेक का असर तापमान पर भी दिखाई दे रहा है। बीते 24 घंटे में श्रीगंगानगर राज्य का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बीकानेर में भी पारा 40.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा।
मौसम विभाग का कहना है कि अगले तीन दिनों में मानसूनी गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। ऐसे में निचले इलाकों में जलभराव, स्थानीय बाढ़ और ट्रैफिक जाम जैसी स्थितियां बन सकती हैं। प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग की सलाह का पालन करने और गैर-जरूरी यात्रा से बचने की अपील की है।
