मुख्यमंत्री ने छात्रों को दी प्रोत्साहन राशि
रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में रविवार 15 जून को एक ऐतिहासिक आयोजन हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने श्रमिक परिवारों के मेधावी बच्चों को दो-दो लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की। यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के अंतर्गत आयोजित किया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा, 'हम श्रमिक परिवारों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध हैं और उनका सहयोग ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।' यह योजना न केवल आर्थिक सहायता देती है, बल्कि मेहनतकश परिवारों के सपनों को नई दिशा भी देती है।
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के तहत पंजीकृत 38,200 निर्माण श्रमिकों को 19.71 करोड़ रुपये की सहायता राशि सीधे उनके खातों में ट्रांसफर की। उन्होंने बताया कि अब अगर कोई श्रमिक का बच्चा विदेश पढ़ना चाहे, तो 50 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी। साथ ही, उन्होंने अपने केंद्रीय श्रम राज्यमंत्री के कार्यकाल के अनुभव साझा करते हुए बताया कि कैसे उनकी सरकार ने पीएफ, पेंशन और यूनिवर्सल पीएफ नंबर जैसी योजनाओं के जरिए श्रमिकों की दशा को सुधारा।
उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने बताया कि 'मोदी की गारंटी' के तहत डेढ़ वर्षों में सभी वादों को पूरा किया गया है। 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिससे रोजगार के नए अवसर बनेंगे। शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना के तहत 17 जिलों के 46 केंद्रों पर श्रमिकों को 5 रुपये में भोजन दिया जा रहा है, जिसे आगे और जिलों में विस्तारित किया जाएगा। इसके अलावा, बच्चों के लिए नि:शुल्क कोचिंग की भी शुरुआत की गई है।
कार्यक्रम की जान रहे वे बच्चे, जिन्होंने इस योजना की बदौलत अपने सपनों को साकार किया। सूरजपुर के हीरा सिंह, जिन्होंने आईआईआईटी से बी.टेक कर अब डेटा साइंस में कार्य शुरू किया है, उन्होंने बताया कि उन्हें 4.10 लाख रुपये की सहायता मिली थी। बी.टेक अंतिम वर्ष के छात्र अमलेंद्र पैंकरा और दीपक पैंकरा ने भी साझा किया कि कैसे इस योजना से उन्हें कॉलेज की फीस भरने में मदद मिली और पढ़ाई जारी रख पाए।
मुख्यमंत्री ने सभी बच्चों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और सभी से अपील की कि श्रम विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ज्यादा से ज्यादा श्रमिकों तक पहुंचाएं। मंडल के अध्यक्ष डॉ. राम प्रताप सिंह ने बताया कि प्रदेश में 29.47 लाख पंजीकृत श्रमिकों को स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। श्रमिक अब 'श्रमेव जयते ऐप', लोक सेवा केंद्र या श्रम कार्यालय में जाकर पंजीकरण करवा सकते हैं।
इस अवसर पर श्रम विभाग की संयुक्त सचिव डॉ. फरिहा आलम, प्रभारी श्रम आयुक्त एस एल जांगड़े सहित श्रम विभाग के अधिकारी कर्मचारी और श्रमिक परिवारजन मौजूद रहे। यह कार्यक्रम न केवल आर्थिक सहयोग का प्रतीक था, बल्कि एक बेहतर, सशक्त और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ते कदम का उद्घोष भी था।
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