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Video: रेलवे फाटक पर इंतजार करते रह गए लोग, गुमटी बंद करके सोने चला गया गेटमैन

भारतीय रेलवे के एक लेवल क्रॉसिंग पर गेटमैन की लापरवाही का वीडियो वायरल हुआ है। ट्रेन गुजरने के बाद भी गेटमैन फाटक बंद कर सोता रहा, जिससे यातायात ठप हो गया। लोगों के जगाने पर उसने फाटक खोला। इस घटना ने रेलवे सुरक्षा पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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फाटक बंद करके सोने चला गया रेलवे गेटमैन

भारतीय रेल देश की लाइफलाइन है। हर रोज लाखों लोग ट्रेन से सफर करते हैं, ताकि वह समय पर पॉकेट फ्रेंडली तरीके से अपनी मंजिल तक पहुंच सकें। भारत जैसे विशाल देश को एक सूत्र में पिरोने के मामले में भारतीय रेलवे का कोई सानी नहीं है। लेकिन जहां-जहां लेबल क्रॉसिंग है, वहां ट्रेन के आने से पहले फाटक बंद करके दोनों तरफ के ट्रैफिक को रोक दिया जाता है। जिससे दोनों तरफ बड़ी मात्रा में ट्रैफिक जमा हो जाता है। ट्रेन के गुजर जाने के बाद फाटक खोलकर सभी आगे बढ़ते हैं। लेकिन आज इस व्यवस्था की एक खामी के बारे में आज यहां बात करेंगे।

लेबल क्रॉसिंग से ट्रेन के गुजर जाने के बाद वहां मौजूद रेलवे गेटमैन फाटक को खोलता है। इसी गेटमैन की जिम्मेदारी होती है कि ट्रेन आने का सिग्नल मिलने पर वह फाटक बंद करें और ट्रेन के गुजर जाने के बाद फाटक खोलकर सड़क के ट्रैफिक को गुजरने दे। लेकिन सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें रेलवे गेटमैन की लापरवाही साफ दिख रही है।

फाटक बंद कर सोने चला गया गेटमैन

ट्रेन आने पर रेलवे गेटमैन ने फाटक यानी गुमटी बंद किया और फिर जाकर सो गया। ट्रेन सरपट रफ्तार से आगे बढ़ गई और फाटक बंद ही रहा। काफी देर इंतजार करने के बाद जब फाटक पर खड़े-खड़े लोगों का सब्र जवाब दे गया तो वह गेटमैन को ढूंढ़ते हुए इसके रूम तक जा पहुंचे। यहां पहुंचकर लोगों ने काफी आवाज लगाई, लेकिन गेटमैन ने कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने गेटमैन के कमरे का दरवाजा भी खटखटाया, लेकिन जवाब नहीं आया।

कहां का है मामला

साफ था के फाटक लगाकर रेलवे गेटमैन सोने चला गया था। ट्रेन के गुजर जाने के बाद भी वह सोता रहा। मामला बिहार में पश्चिमी चंपारण में मझौलिया का बताया जा रहा है। जहां यह घटना हुई बताया जा रहा है कि वह मझौलिया रेलवे स्टेशन के गुमटी नंबर 182 है।

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि फाटक पर खड़े-खड़े लोग जब थक गए तो लोगों ने गेटमैन के रूम के पास जाकर आवाज लगाई। आवाज लगाने और गेट खटखटाने के बाद आखिरकार गेटमैन आंखें मलते हुए बाहर आया। लोगों ने उससे पूछा कि क्या और ट्रेन आने वाली है, तो उसने ना में जवाब दिया। फिर लोगों ने पूछा कि फाटक बंद क्यों रखा है, बिना कोई जवाब दिए उसने फाटक खोल दिया और आखिरकार लोग अपनी मंजिल की ओर आगे बढ़े।

हो सकता है बड़ा हादसा

जिस तरह से गेटमैन फाटक बंद करके सो गया और लोगों को काफी समय तक इंतजार करने के बाद उसे जगाने के लिए जाना पड़ा, वह बेहद खतरनाक स्थिति है। अगर गेटमैन फाटक खुला छोड़कर सो जाता तो ट्रेन के आने पर यहां बड़ा हादसा हो सकता था। राहगीरों ने इस घटना पर कहा कि यह गेटमैन की बड़ी लापरवाही है।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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