Punjab News: पंजाब के गैंगस्टर रोधी कार्य बल केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर छह महीने की तलाश के बाद एक फरार गैंगस्टर को जकार्ता से वापस लेकर आया है। गैंगस्टर जोबनजीत सिंह उर्फ जोबन बिल्ला को 20 जुलाई को इंडोनेशिया में हिरासत में लिया गया और इसके बाद उसे भारत निर्वासित कर दिया गया। पंजाब पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने शनिवार को बताया कि पंजाब पुलिस ने उसे मुंबई हवाई अड्डे से हिरासत में ले लिया और मामले की जांच के लिए उसे पंजाब लाया जा रहा है।
कैसे लिया गया हिरासत में?
पंजाब के गैंगस्टर रोधी कार्य बल ने पंजाब के ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्सट्रैडिशन सेल और केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर भगोड़े गैंगस्टर को हिरासत में लिया। उन्होंने कहा, "यह अभियान 'ऑपरेशन नोमैड हंट' का सफल समापन है। यह छह महीने तक चलाया गया एक अंतरराष्ट्रीय अभियान था, जिसमें खुफिया जानकारी के आधार पर लगातार निगरानी रखी गई, महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई गई और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर काम किया गया।"
कई गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित
डीजीपी ने आगे बताया कि जोबनजीत सिंह कई गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित था, जिनमें हत्या, हत्या का प्रयास, स्वापक औषधि एवं मन: प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम और शस्त्र अधिनियम के तहत अपराध शामिल हैं। पंजाब पुलिस के एक बयान के अनुसार, सिंह नौ जनवरी, 2025 को गोरखपुर के एक निवासी के फर्जी विवरण के आधार पर तैयार किए गए पासपोर्ट का इस्तेमाल कर विदेश भाग गया था। यह पासपोर्ट आठ मार्च, 2024 को उत्तर प्रदेश के लखनऊ से जारी किया गया था।
कई देशों में रहकर गिरफ्तारी से बचता फिरा
बयान के अनुसार, डीजीपी यादव ने बताया कि सिंह कई देशों में रहकर गिरफ्तारी से बचता फिर रहा था। उन्होंने बताया कि सिंह पहले संयुक्त अरब अमीरात में छिपा हुआ था और वहां से वह जॉर्जिया गया तथा फिर इंडोनेशिया पहुंचा। यादव ने कहा, "पंजाब पुलिस ने आरोपी बिल्ला के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराया था। उसके फर्जी पासपोर्ट और ठिकाने से जुड़ी जानकारी समय-समय पर केंद्रीय एजेंसियों के साथ साझा की गई। इसके अलावा इंटरपोल के पांच नोटिस भी जारी किए गए।" उन्होंने बताया कि लगातार प्रयासों के बाद आरोपी को इंडोनेशिया में हिरासत में लिया गया।
