Sagar Spurious Liquor Case: मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने मामले में न्यायिक जांच (Judicial Inquiry) के आदेश दिए हैं। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 15 लोगों की जान जा चुकी है। लगभग 40 लोग अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने 30 आरोपियों में से 14 को गिरफ्तार किया है। वहीं लापरवाही के आरोप में तीन आबकारी अधिकारी और दो पुलिसकर्मी भी निलंबित हुए हैं।
CM बोले- गंभीर मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
दुबई से लौटने के तुरंत बाद, मुख्यमंत्री मोहन यादव बुधवार को स्थिति का जायजा लेने खुद सागर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों संग बैठक कर पूरे मामले की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने इस पूरी घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों की जवाबदेही तय करने के लिए न्यायिक जांच के आदेश दिए। इसके साथ ही सरकार ने प्रशासनिक फेरबदल भी किए। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी दिलीप कुमार को सागर संभाग का नया कमिश्नर नियुक्त किया गया है। वहीं वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी इरशाद वली को सागर रेंज का नया आईजी बनाया गया है। मुख्यमंत्री पहले ही साफ कर चुके हैं कि गंभीर मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
दो और लोगों की इलाज के दौरान मौत
पुलिस के अनुसार, सागर जिले की बांदा तहसील में हुई इस जहरीली शराब त्रासदी में मंगलवार को दो और पीड़ितों की इलाज के दौरान मौत हो गई, जिससे मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 15 हो गई। मरने वालों में एक आरोपी भी शामिल है जो अवैध शराब के इस नेटवर्क से जुड़ा था। पुलिस इस मामले में अब तक 30 में से 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि बाकी आरोपियों को पकड़ने के लिए उनकी तलाश जारी है।
