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पुणे-पिंपरी चिंचवड़ में जहरीली शराब का कहर, 14 की मौत, आठ हुए गिरफ्तार; 3 पुलिस अधिकारी भी सस्पेंड

पिंपरी चिंचवड़ और पुणे में नकली और जहरीली शराब के सेवन से हुई दर्दनाक घटना ने पूरे महाराष्ट्र को झकझोर दिया है, जिसमें अब तक 14 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है और पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है।

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पिंपरी चिंचवड और पुणे में जहरीली शराब मामले में 8 गिरफ्तार (प्रतीकात्मक फोटो)

Photo : iStock

Pune-Pimpri Chinchwad Fake Liquor: पिंपरी चिंचवड और पुणे शहर में संदिग्ध नकली शराब पीने से कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई है और पुलिस ने इस सिलसिले में एक मुख्य तस्कर सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस घटना को "बेहद गंभीर" बताया और कहा कि नकली शराब की आपूर्ति में शामिल पूरे नेटवर्क की पहचान कर ली गई है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस पूरी घटना की जांच अपराध जांच विभाग (CID) को सौंप दी गई है। पिंपरी चिंचवड के फुगेवाड़ी इलाके में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि पुणे के हडपसर स्थित पांढरे मला क्षेत्र में 4 अन्य लोगों की संदिग्ध जहरीली शराब के सेवन से जान चली गई। पुलिस ने बताया कि जहरीली शराब पीने के संदेह में पांच अन्य पुरुषों का पिंपरी चिंचवड़ के एक अस्पताल में इलाज कराया जा रहा है। इसी बीच पुणे पुलिस प्रशासन ने हड़पसर पुलिस स्टेशन से जुड़े तीन अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। सस्पेंड किए गए अधिकारियों में सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर संजय मोगले, असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर हसीना सिकलगर और पुलिस सब-इंस्पेक्टर हसन मुलानी शामिल हैं।

इनको किया गया गिरफ्तार

पिंपरी चिंचवड पुलिस के संयुक्त पुलिस आयुक्त डॉ. बसवराज तेली ने कहा कि जांच के दौरान पुलिस ने मामले के सिलसिले में करनेलसिंह तख्तसिंह विरका (73), गुरमंगतसिंह करनेलसिंह विरका (45), योगेश रामचन्द्र वानखेड़े (23), राधेशाम हरिराम प्रजापति (35), इंदरजीत कौर करनेलसिंह विरका (60) और कल्पेश अग्रवाल (29) को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार करनेलसिंह, गुरमंगतसिंह, वानखेड़े और प्रजापति को आठ जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है जबकि इंदरजीत और अग्रवाल को शनिवार को अदालत में पेश किया जाएगा। संयुक्त पुलिस आयुक्त ने बताया, "उन पर गैर इरादतन हत्या सहित कई धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।" अधिकारी ने आगे बताया कि इस त्रासदी की जांच सीआईडी को सौंप दी गई है।

मेथनॉल मिली हुई शराब की आपूर्ति

बताया जा रहा है कि आरोपियों ने कथित तौर पर पिंपरी चिंचवड के फुगेवाड़ी इलाके और पुणे शहर के कुछ हिस्सों में मेथनॉल मिली हुई शराब की आपूर्ति की थी। पुलिस ने बताया कि मौत के सटीक कारण की पुष्टि करने वाली जांच रिपोर्ट का इंतजार है। पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान पांडुरंग सखाराम फुगे (53), अकबर अजीमखान पठान (48), राजेश शांताराम राजपूत (50), आनंद पांडेराव देसाई (53), आनंद काशीनाथ निकालजे (64), भीमन्ना बसन्ना नगरल (27), अक्षय अशोक अवसरमल (28), सचिन रामचंद्र नेटके (36), सुरप्पा मनप्पा बंगारी (55) और राजू राठौड़ (34) के रूप में की गई है। सभी दापोडी के फुगेवाड़ी के निवासी थे।

पुणे में चार लोगों की मौत

पुणे के पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने बताया कि हडपसर में नकली शराब के सेवन से अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा, "मृतकों का पोस्टमार्टम कर लिया गया है। विसरा सुरक्षित रख लिया गया हैं और उन्हें फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएलएस) भेज दिया गया है। एफएसएल की रिपोर्ट मिलने के बाद शरीर में मौजूद तत्वों और मौत के सटीक कारण का पता चल सकेगा।" उन्होंने कहा, "हमने आकाश जाधव और कुछ अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।" कुमार के अनुसार, जिस स्थान पर कथित तौर पर शराब का सेवन किया गया था, वहां के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। कुमार ने कहा, "इस रैकेट में शामिल किसी को भी हम नहीं बख्शेंगे।"

मौतों के बाद विभाग ने जांच शुरू

हडपसर पुलिस थाने के वरिष्ठ निरीक्षक संजय मोगले ने बताया कि जांच में पता चला है कि मृतकों ने कथित तौर पर पंढारे मला इलाके में आकाश जाधव से नकली शराब खरीदी थी। उन्होंने कहा, "इसका सेवन करने के बाद, उन्हें उल्टी और चक्कर आने की शिकायत हुई।"

हडपसर मामले में मृतकों की पहचान अरुण दादर (60), राहुल क्षीरसागर (45), अशोक चव्हाण (52) और दत्ता सूर्यवंशी (55) के रूप में हुई है। राज्य आबकारी आयुक्त अतुल कानाडे ने कहा कि फुगेवाडी में हुई मौतों के बाद विभाग ने जांच शुरू कर दी है। कानाडे ने कहा, "हमने योगेश वानखेडे को हिरासत में लिया है, जो फुगेवाडी और हडपसर दोनों जगह जहरीली शराब की आपूर्ति में संलिप्त था। उसे पिंपरी चिंचवड पुलिस को सौंप दिया गया है और कार्रवाई की जा रही है।"

"यह बेहद गंभीर घटना है"

मुख्यमंत्री फडणवीस ने मुंबई में संवाददाताओं से कहा, "यह बेहद गंभीर घटना है। इस मामले में तत्काल आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है तथा कुछ और गिरफ्तारियां भी संभव हैं। हमने इसके पीछे के पूरे नेटवर्क की पहचान कर ली है।" उन्होंने कहा, "हमारी पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है और यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह नेटवर्क कितना व्यापक है। पुलिस आबकारी विभाग के साथ मिलकर काम कर रही है।" मुख्यमंत्री ने कहा, "हमारी पुलिस इस मामले में पूरी कोशिश कर रही है और यह पता लगाने की भी कोशिश कर रही है कि यह नेटवर्क कितना व्यापक है। पुलिस उत्पाद शुल्क विभाग के साथ मिलकर काम कर रही है।" पिंपरी चिंचवड के यशवंतराव चव्हाण मेमोरियल अस्पताल के डीन डा. राजेंद्र वाबले ने कहा कि मरने वालों में से अधिकतर लोग अत्यधिक शराब पीने के शिकार थे और अस्पताल लाए जाने पर उनमें सांस लेने में कठिनाई, मुंह से झाग निकलना, चक्कर आना और बेहोशी जैसे लक्षण थे।

atul. Singh
अतुल सिंहauthor

मैं अतुल सिंह,मैं 14 वर्षों से अधिक समय से टीवी पत्रकारिता में विभिन्न क्षेत्रों को खबरों को कवर करने वाला अनुभवी पत्रकार हूं। वर्तमान में Times Now नवभारत के लिए principal correspondent हूं। मैंने इंडिया टीवी, ज़ी न्यूज़,IBN 7 (न्यूज़ 18),Lemon न्यूज़ जैसे प्रमुख मीडिया संगठनों के साथ भी काम किया है। मनोरंजन,नागरिक मुद्दे ,इंफ्रा,राजनीति,आम और विधानसभा चुनाव और अपराध जैसे विषयों को बखूबी कवर किया है। वर्तमान में मुम्बई ब्यूरो से जुड़ा हुआ हूं। कई राष्ट्रीय मुद्दों से जुड़े कई विशेष खबरें भी कवर किया है।

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