पुणे

Covid-19: कोरोना ने डराया, नवंबर के बाद सबसे ज्यादा मामले; एक्टिव मरीज आठ हजार के पार

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Mar 25, 2023, 11:06 AM IST

देश में आज कोरोना के 1500 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं। 2023 में यह सबसे ज्यादा दैनिक मामले हैं। कोरोना की संक्रमण दर भी बढ़कर 1.33% पहुंच गई है।

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देश में कोरोना मामले

Photo : PTI

Covid-19 in India: देश में कोरोना वायरस फिर से धीरे-धीरे अपने पैर पसार रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में बीते 24 घंटों में 1590 कोरोना के मामले सामने आए हैं। यह 2023 के अब तक के सबसे ज्यादा दैनिक मामले हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बीते नवंबर के बाद देश में सबसे ज्यादा कोरोना मरीज दर्ज किए गए हैं। इन आंकड़ों ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, अब देश में सक्रिय कोरोना मरीजों की संख्या बढ़कर आठ हजार के पार पहुंच गई है। कुल एक्टिव मरीज बढ़कर 8601 हो गए हैं। दूसरी ओर कोरोना के पॉजिटिविटी रेट में भी इजाफा हुआ है। यह बढ़कर 1.33% पहुंच गया है। बीते 24 घंटों में देश में 1,19,560 लोगों का कोरोना टेस्ट किया गया।

लगातार बढ़ रहे मामले

आंकड़ों को देखें तो कोरोना के मामलों में लगातार उछाल हो रहा है। एक दिन पहले देश में 1249 कोरोना के नए मामले दर्ज किए गए थे। वहीं गुरुवार को 1300 तो बुधवार को 1134 कोरोना संक्रमित मिले थे।

24 घंटे में छह मौतें

देश में कोरोना से बीते 24 घंटे में छह मौतें भी दर्ज की गई हैं। इसमें तीन मौतें महाराष्ट्र में हुइ्र हैं। इसके अलावा कर्नाटक, राजस्थान और उत्तराखंड में एक-एक मौत रिकॉर्ड की गई है। देश में अब कोरोना से कुल मौतों का आंकड़ा बढ़कर 530824 पहुंच गया है। वहीं साप्ताहिक पॉलिटिविटी रेट 1.23 प्रतिशत दर्ज की गई है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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